Fact Check: साइबर क्राइम की शिकायत का बदला नंबर? PIB ने दी जानकारी
PIB Fact Check: गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए तात्कालिक सेवा 155260 को बदलकर 1930 कर दिया है।

PIB Fact Check: देश में साल 2016 के बाद से ही डिजिटल लेन-देन यानी ऑनलाइन पेमेंट काफी बढ़ गया है। लोग आज कल कैश की जगह बड़ी संख्या में ऑन लाइन पेमेंट करते हैं। ऐसे में साइबर ठगी की घटनाएं भी बढ़ गई है। जिसको लेकर गृह मंत्रालय ने कुछ दिनों पहले तात्कालिक सेवा '155260' शुरू की। ऐसे में अब साइबर क्राइम की रिपोर्ट किस नंबर पर होगी, इसकी जानकारी PIB Fact Check ने दी।
आए दिन ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में इन साइबर ठगी की वारदातों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। इसी में से एक साइबर ठगी की शिकायत के लिए गृह मंत्रालय ने '155260' सेवा शुरू थी। लेकिन अब यह बदल चुकी है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्वीट में एक सवाल में लिखा क्या गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए तात्कालिक सेवा "155260" शुरू की है, जिसका जवाब देते हुए कहा कि हां, लेकिन इस सेवा (155260) के नंबर को बदलकर 𝟭𝟵𝟯𝟬 कर दिया गया है।
इसी के साथ बतााय कि साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत के लिए लोग http://cybercrime.gov.in पर भी अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने "नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली" मॉड्यूल पर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और साइबर अपराध की घटनाओं को दर्ज करने में सहायता प्राप्त करने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर '1930' (पहले '155260') का संचालन किया है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा बनाए गए आंकड़ों के अनुसार इस हेल्पलाइन पर 30.08.2019 से 30.03.2022 तक वित्तीय धोखाधड़ी की कुल 175494 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

Fact Check
दावा
गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए तात्कालिक सेवा "155260" शुरू की है?
नतीजा
हां, लेकिन इस सेवा के नंबर को बदलकर 𝟭𝟵𝟯𝟬 कर दिया गया है ।












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