Fact Check: क्या किसान ट्रैक्टर परेड में गाड़ियां जलाई गईं? जानिए इन वायरल तस्वीरों का सच
नई दिल्ली। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी में ट्रैक्टर परेड का आयोजन किया था। 26 जनवरी को किसानों के बीच से कुछ लोग तय रूट को ना मानते हुए आईटीओ और लाल किले जा पहुंचे थें। इन लोगों ने लालकिले पर अपना झंडा भी फहरा दिया और यहां हिंसा भी हुई। जिसके बाद कई तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं और कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इसमें कुछ तस्वीरें गाड़ियों को जलाने की भी है।

फ्रस्ट्रेटेड कोशुर और कई दूसरे सोशल मीडिया हैंडल से कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं। जिसमें गाड़ियां जलती दिख रही हैं। इनको दिल्ली की तस्वीरें कहकर शेयर किया गया है। इन तस्वीरों को लेकर खोजबीन करने पर पता चला है कि ये तस्वीरें 2019 की जम्मू की हैं। ऐसे में इन तस्वीरों को दिल्ली की बताया जाना एकदम गलत है और ये कहना पूरी तरह से फेक है। जम्मू की तस्वीरों को दिल्ली का बताया गया है।
किसान नेताओं ने करीब एक महीने पहले ही 26 जनवरी पर परेड निकालने का ऐलान कर दिया था। किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस की बैठक के बाद परेड के रूट को लेकर भी सहमति बन गई थी लेकिन 26 जनवरी को कुछ संगठनों ने इसे ना मानते हुए दिल्ली के भीतर प्रवेश कर लिया। पुलिस ने जब बलपूर्वक इनको रोकने की कोशिश की, जिससे टकराव हुआ। जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले दागे। कई पुलिसकर्मी और किसान इसमें घायल हुए हैं। एक किसान की मौत भी हुई है। वहीं कई वाहनों को भी तोड़ा गया है लेकिन ये तस्वीरें दिल्ली की नहीं हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार बीते साल तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसको लेकर किसान बीते साल जून के महीने से लगातार आंदोलनरत हैं और इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

Fact Check
दावा
तस्वीरों को लेकर दावा कि ये कारें 26 जनवरी को जलाई गईं
नतीजा
तस्वीरें जम्मू के एक प्रदर्शन की, इनका दिल्ली से कुछ लेनादेना नहीं












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