ब्रिटेन से लौटे कोरोना संक्रमितों में से आधों में नया स्ट्रेन मिलने का दावा, जानिए सच्चाई

नई दिल्ली। Coronavirus new strain: दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी के आने के बाद फेक न्यूज से जुड़ी समस्या भी तेजी से बढ़ी है। महामारी को लेकर सोशल मीडिया पर कई फर्जी दावे किए जा रहे हैं, जिनका समय-समय पर खंडन भी किया जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर एक फर्जी मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल अखबार की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसके साथ ये दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन से लौटे कोरोना संक्रमित लोगों में से आधे नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए हैं।

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जब इस दावे की पड़ताल की गई तो पता चला कि ये बिल्कुल फर्जी है। जो भी लोग ब्रिटेन से लौट रहे हैं, उन सभी की जांच की जा रही है। इनमें से जो लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, उन्हें या तो कोविड-19 अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इसके अलावा जो लोग संक्रमित नहीं मिल रहे हैं, उन्हें भी सख्त आइसोलेशन में रहने को कहा जा रहा है। संक्रमित लोगों के सैंपल को आगे की जांच के लिए जीन सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जा रहा है, ताकि नए स्ट्रेन का पता चल सके। इस फर्जी दावे को लेकर पीआईबी फैक्ट चेक ने भी ट्वीट किया है।

इस ट्वीट में कहा गया है, 'दावा- एक खबर में दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन से आए कोरोना पॉजिटिव यात्रियों में आधे नए स्ट्रेन से संक्रमित हैं। पीआईबी पैक्ट चेक- यह खबर गलत है। यात्रियों में वायरस के नए स्ट्रेन की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंस की स्थापना की जानी बाकी है।' आपको जानकारी के लिए बता दें हाल ही में ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पाया गया है। जिसे कोरोना वायरस से 70 फीसदी अधिक तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है। इसे लेकर सरकार पूरी तरह एहतियात बरत रही है। ब्रिटेन से लौटे यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों का विवरण भी राज्यों के साथ शेयर किया जा रहा है। ताकि इन लोगों की ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके और इनकी जांच कराई जा सके।

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Fact Check

दावा

ब्रिटेन से लौटे संक्रमितों में से आधों में नया स्ट्रेन मिलने का दावा।

नतीजा

अभी जीनोम सीक्वेंस की स्थापना की जानी बाकी है।

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