Fact Check: कोविड वैक्सीन की वजह से पैरालिसिस का शिकार हुए जस्टिन बीबर का चेहरा? जानें सच
नई दिल्ली, 16 जुलाई: पिछले महीने जून में कनाडा के 28 वर्षीय इस पॉपस्टार जस्टिन बीबर रामसे हंट सिंड्रोम नाम की बीमारी के शिकार हो गए थे। जिसके चलते जस्टिन बीबर के चेहर का हिस्सा आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गया है। जस्टिन बीबर ने एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि इस स्थिति में उनके लिए पलकें झपकाना या फिर मुस्कुराना तक मुश्किल हो गया है। जिसके बाद उनके कई शौ कैंसिल कर दिए गए थे। अब इसी घटना से जुड़ा जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि, जस्टिन बीबर ने इस बीमार के पीछे कोविड 19 की वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया है।

ट्विटर और फ़ेसबुक पर, कई लोगों ने वैंकूवर टाइम्स की एक समाचार रिपोर्ट साझा की है। जिसमें कहा गया है कि उन्हें (जस्टिन बीबर) कोविड -19 वैक्सीन लेने का पछतावा है क्योंकि इससे उनका चेहरा स्थायी तौर से पैरालिसिस का शिकार हो गया है। रिपोर्ट में गायक के हवाले से कहा गया है कि "वैक्सीन ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। मैं इन क्रिमनल्स को अदालत में ले जाऊँगा और उन पर मुकदमा करूँगा। फाइजर के सीईओ की कोठरी में बहुत सारे कंकाल हैं, और अब यह कीमत चुकाने का समय है।
वायरल हो रहे इस दावे की वन इंडिया ने पड़ताल की है। हमारी जांच में पाया गया कि वायरल दावा फर्जी है। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बीबर ने अपने चेहरे के पक्षाघात के लिए कोविड -19 वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया। समाचार रिपोर्ट एक व्यंग्य है। दावा करने वाले अधिकांश लोगों ने वैंकूवर टाइम्स के लेख को अपने स्रोत के रूप में साझा किया। हालांकि लेख के निचले भाग में, एक नोट भी लिखा है। जिसमें कहा गया है कि, यह रिपोर्ट व्यंग्य थी। स्वास्थ्य अधिकारी कोविड -19 टीकों को सुरक्षित और प्रभावी मानते हैं।
क्या होता है रामसे हंट सिंड्रोम
रामसे हंट सिंड्रोम को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीर स्थिति के रूप में देखते हैं। अगर इसपर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो लकवा के साथ-साथ यह सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। रामसे हंट सिंड्रोम उसी वायरस के कारण होता है जो चिकनपॉक्स बीमारी फैलाती है। आमतौर पर चिकनपॉक्स के ठीक होने के बाद भी वायरस कुछ स्थितियों में आपकी नसों में रह सकता है। कुछ वर्षों बाद यह फिर से सक्रिय हो सकता है। इस स्थिति में यह आपके चेहरे की नसों को प्रभावित करता है। ऐसे में रामसे हंट सिंड्रोम की समस्या किसी को भी हो सकती है।

Fact Check
दावा
जस्टिन बीबर ने इस बीमार के पीछे कोविड 19 की वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया है।
नतीजा
हमारी जांच में पाया गया कि वायरल दावा फर्जी है। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बीबर ने अपने चेहरे के पक्षाघात के लिए कोविड -19 वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराया।












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