Fact Check: Pfizer की कोरोना वैक्सीन से हुई एक हजार से ज्यादा मौतें? जानें Viral डॉक्यूमेंट का सच
Pfizer Document fact check: फाइजर कोरोना वैक्सीन से 1223 मौतों का दावा करने वाला एक डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसे में जानिए इस दावे की सच्चाई?

Fact Check News: कोरोना के जानलेवा वायरस ने अपना कहर पूरी दुनिया पर बरपाया था। हालांकि भारत सहित दुनिया के कई देशों ने इसकी वैक्सीन तैयार करते हुए वैक्सीनेशन का काम शुरू कर दिया था। इस बीच कुछ खबरें ऐसी भी आई थी कि जो वैक्सीन से मौत से जुड़ी थी। वहीं अब सोशल मीडिया पर एक डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि फाइजर (Pfizer) की कोरोना वैक्सीन से एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ऐसे में क्या इस दावे की सच्चाई जानिए?
कोरोना वैक्सीन के जरिए पूरी दुनिया को कोविड जैसे खतरनाक वायरस से सुरक्षा प्रदान की गई थी। वहीं अब सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा करते हुए कहा गया है कि Pfizer की COVID-19 वैक्सीन के 42,000 से अधिक लोगों पर गंभीर दुष्प्रभाव हुए हैं और इससे 1223 लोगों की मौत भी हुई है।
9 पेज के डेटा में मौतों का दावा
वायरल पोस्ट में दावा करते हुए कहा गया है कि फाइजर ने हाल ही में 9 पन्नों के डेटा से इसका खुलासा हुआ है, जिसमें फाइजर के कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगवाने वाले लोगों में देखे गए संभावित दुष्प्रभावों को लिस्टेड किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि किया सच में ऐसा हुआ है?

लेकिन हकीकत कुछ और है। वायरल पोस्ट और डॉक्यूमेंट में फाइजर की वैक्सीन को गलत तरीके से जोड़कर मौतों की संख्या को गलत तरीके से पेश किया गया है। 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि ये मौतें प्राकृतिक कारणों या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई हैं और इसका टीके से कोई संबंध नहीं है।
फाइजर की हालिया रिपोर्ट कोई नहीं
दरअसल, जब वायरल दावे के दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो फाइजर की ओर से प्रकाशित कोई भी हालिया रिपोर्ट नहीं मिली। लेकिन फाइजर द्वारा 2021 में प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली, जिसे फाइजर ने अपने बायोलॉजिकल लाइसेंस एप्लिकेशन (बीएलए) के लिए यूनाइटेड स्टेट्स फेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को सौंपी थी।
झूठा दावा फैलाकर किया जा रहा गुमराह
इस रिपोर्ट में 63 देशों से 1 दिसंबर 2020 से 28 फरवरी 2021 तक के आंकड़ों को संकलित किया गया है। यह रिपोर्ट "विशेष रुचि की प्रतिकूल घटनाओं" के 9 पन्नों में प्रकाशित की गई, हालांकि, रिपोर्ट में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि ये संभावित दुष्प्रभाव सीधे तौर पर COVID-19 वैक्सीन से जुड़े हैं। रिपोर्ट में बताया किया गया है कि अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियों के कारण मौतें हो सकती हैं। ऐसे में साफ होता है कि फाइजर के टीकाकरण से कई मौतें और गंभीर दुष्प्रभाव होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक है।

Fact Check
दावा
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फाइजर से 1200 लोगों की मौत हुई है।
नतीजा
ये दावा पूरी तरह से झूठा है।












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