Fact check: 12,500 रुपये दें और रिटर्न में पाएं 4.62 करोड़ रुपये! जाने वायरल मैसेज का सच
नई दिल्ली, सितंबर 07: भविष्य की जरूरतों और बड़े खर्चों के लिए निवेश जरूरी है, लेकिन पैसा दोगुना करने या बेहतर रिटर्न पाने के लिए सुरक्षित निवेश का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर इन दिनों निवेश से जुड़ा एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि मात्र 12,500 रुपये का भुगतान कर आपको 4 करोड़ से भी अधि की धनराशि मिल सकती है। इस मैसेज की अब पड़ताल सामने आई है।

ठगों ने आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के नाम से ही लेटर जारी कर दिया है। इस लेटर में लिखा है, आरबीआई मैनेजमेंट और अथॉरिटी ने फैसला लिया है कि एक बार 12,500 रुपये का ऑनलाइन ट्रांसफर होने के बाद बैंक मैनेजर आपके खाते में 4 करोड़ 62 लाख रुपये ट्रांसफर कर देंगे। सरकारी संचार एजेंसी पीआईबी ने इस वायरल मैसेज की पड़ताल की है। पीआईबी ने कहा कि इस तरह के किसी मैजेस का सरकार या आरबीआई से कोई लेना-देना नहीं है।
पीआईबी ने सोमवार को एक ट्वीट कर कहा कि 12,500 लगाकर 4 करोड़ 62 लाख पाना। कुछ चीजें इतनी अच्छी होती हैं कि यकीन करना मुश्किल होता है। फ्रॉड सरकारी मुहर का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए करते हैं। ऐसे लोगों के झांसे में न आएं। पीआईबी ने लोगों को सावधान करने के लिए फिल्म हेराफेरी के एक सीन का इस्तेमाल किया, जिसमें मात्र 25 दिनों में पैसा डबल करने की बात कहकर लोगों को चूना लगाया गया था।
पीआईबी ने चेताया है कि जालसाज और साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए अक्सर सरकारी संगठनों के नाम से मैसेज, लेटर वगैरह भेज कर शिकार बनाना चाहते हैं। इस तरह के फर्जी लेटर, मैसेजेस या स्कीम के झांसे में न आएं। फर्जी खबर यानी फेक न्यूज से निपटने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और योजनाओं के बारे में खबरों का सत्यापन करने के लिए एक 'तथ्य जांच इकाई' गठित की है जिसे पीआईबी फैक्ट चेक टीम कहा जाता है। पीआईबी फैक्ट चेक टीम द्वारा आप भी किसी भी संदेश की सत्यता की जांच करा सकते हैं। इसके तहत मीडिया में सरकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों की सच्चाई का पता लगाया जाता है।

Fact Check
दावा
क बार 12,500 रुपये का ऑनलाइन ट्रांसफर होने के बाद बैंक मैनेजर आपके खाते में 4 करोड़ 62 लाख रुपये ट्रांसफर कर देंगे।
नतीजा
पीआईबी ने कहा कि इस तरह के किसी मैजेस का सरकार या आरबीआई से कोई लेना-देना नहीं है।












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