Fact Check: J&K में होम क्वारंटीन मरीजों और निजी अस्पतालों की ऑक्सीजन सप्लाई पर प्रतिबंध नहीं
श्रीनगर, 04 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश के कई हिस्सों में तांडव मचाया हुआ है। मंगलवार को भी देशभर से 3.57 से अधिक नए मामले सामने आए जबकि तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। महामारी काल में जहां पीड़ित मेडिकल सुविधाओं के लिए अस्पतालों और अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते नजर आ रहे हैं वहीं सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी खबरों की वजह से अव्यवस्था की स्थिति पैदा होने लगी है। ऐसे ही एक दावे का खंडन जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने किया है।
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दरअसल, कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने निजी अस्पतालों और घर में क्वारंटीन मरीजों की ऑक्सीजन आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है। सोशल मीडिया के जरिए यह खबर आग की तरह फैल गई और घाटी में केंद्र सरकार की आलोचना होने लगी। बाद में जब इसकी जानकारी प्रशासन को लगी तो एक सरकारी बयान जारी कर इस दावे का खंडन किया गया।
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा मूल्यांकन के आधार पर होम आइसोलेशन और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन सप्लाई पर कोई कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन की कोई जमाखोरी ना कर सके और सही मायने में जरूरी मरीजों तक प्राण वायु पहुंचे इसके लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मरीज या उनके परिजन डॉक्टरों द्वारा लिखित पर्चा दिखाकर नियंत्रण कक्ष से ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों को भी 31 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले 10वीं की परीक्षा को रद्द और 12वीं बोर्ड की परीक्षा को स्थगित किया गया था।

Fact Check
दावा
होम क्कारंटीन और निजी अस्पतालों की ऑक्सीजन आपूर्ति पर लगा प्रतिबंध।
नतीजा
सरकार ने किया ऐसे किसी भी दावे का खंडन












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