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Fact Check: क्‍या जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी से लौट रहे CISF-CRPF जवानों पर हुआ हमला, 9 हमलावर मारे गए?

Fact Check No Attack on CISF-CRPF Convoy: सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी से लौट रहे CISF और CRPF के काफिले पर हमला हुआ है।

कई यूजर्स इसे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कथित युद्ध से जोड़कर शेयर कर रहे हैं और देशभर में भ्रम फैला रहे हैं। वनइंडिया हिंदी की फैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो की पड़ताल की और जो सच्चाई सामने आई, वह चौंकाने वाली है।

Fact Check No Attack on CISF-CRPF Convoy

CRPF, CISF की टुकड़ी पर हमला और 9 पत्थरबाजों की मौत का दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर 'योगी आदित्यनाथ फैन (डिजिटल योद्धा) गोडसे का भक्त' नामक ID से एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया गया है कि "यह वीडियो जम्मू-कश्मीर का है। पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान सुरक्षाबलों की कंपनी बॉर्डर पर आर्मी कैंप में ड्यूटी पर गई थी। युद्धविराम के बाद जब CRPF और CISF की कंपनी लौट रही थी, तभी कुछ देशद्रोही तत्वों ने पहाड़ों से पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने हवाई फायरिंग की, जिससे भगदड़ मच गई और 9 पत्थरबाज पहाड़ से गिरकर मारे गए।"

इसी तरह @s_karmakar नामक एक अन्य X यूजर ने भी यही वीडियो शेयर करते हुए मिलते-जुलते दावे किए हैं। इनके अलावा भी कई अन्य अकाउंट्स से यह वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिससे CISF और CRPF पर हमले को लेकर अफवाहों का माहौल बन गया है।

वीडियो की सच्चाई क्या है?

वनइंडिया हिंदी की फैक्ट चेक टीम ने वीडियो को Google Lens और अन्य रिवर्स सर्च टूल्स की मदद से जांचा और पाया कि यह वीडियो हालिया नहीं है। इसके बाद टीम ने PIB Fact Check (भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट) की वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की।

PIB Fact Check का खुलासा

PIB Fact Check ने पुष्टि की कि यह वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। यह वीडियो पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद का पुराना फुटेज है, जिसे अब जम्मू-कश्मीर में ताजा घटना के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका भारत में किसी भी हालिया सैन्य या अर्धसैनिक बल की घटना से कोई लेना-देना नहीं है।

PIB की अपील

PIB ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह के भ्रामक और पुराने वीडियो को हालिया घटनाओं से जोड़कर शेयर न करें। किसी भी संदिग्ध वीडियो या दावे बिना पुष्टि के शेयर ना करें।

सतर्क रहें, जिम्मेदार नागरिक बनें

फर्जी खबरें समाज में डर, तनाव और अस्थिरता का कारण बनती हैं। पुलवामा जैसी संवेदनशील घटनाओं से तुलना कर बिना जांच के वीडियो शेयर करना देश की सुरक्षा व्यवस्था और समाजिक सद्भाव के लिए खतरनाक है।

यह भी पढ़ें- Fact Check: '1 रुपया रोज़ दो, भारत को सुपरपावर बनाओ', अक्षय कुमार का मास्टरस्ट्रोक या फेक न्यूज?

Fact Check

दावा

पाकिस्‍तान के जंग के दौरान सीआरपीएफ व सीआईएसएफ काफिले पर जम्‍मू कश्‍मीर में हुआ हमला।

नतीजा

पीओके का यह वीडियो पुराना है। इसका भारत-पाकिस्‍तान के बीच हालिया तनाव से कोई संबंध नहीं।

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फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें

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