FACT CHECK: जानें क्या NIOS ने मदरसों में गीता, रामायण और योग को पढ़ाना अनिवार्य किया है?

नई दिल्‍ली: शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ ओपन स्‍कूलिंग (NIOS) ने मदरसों के पाठ्यक्रम में गीता, रामायण और योग को शामिल करते हुए अनिवार्य कर दिया है। ये समाचार प्रकाशित हुआ जिसके संबंध में सरकार ने अब स्पष्टीकरण जारी किया है।

Madrasas

सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि यह टाइम्स ऑफ इंडिया में दिनांक 03.03.2021 को ""NIOS to take Gita, Ramayan to Madrassas". शीर्षक से प्रकाशित समाचार रिपोर्ट के संदर्भ में है। सरकार ने दावा किया कि इस खबर में तथ्यों को विकृत कर दिया है। सरकार ने दावा किया कि इस रिपोर्ट में सत्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है और ऐसा लगता है कि यह दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया है।

विषय का चयन करना शिक्षार्थी का विवेक है

सरकार ने कहा इस प्रवाधान के अंतर्गत छात्रों को विभिन्न विषयों की पेशकश की जाती है-औपचारिक शिक्षा प्रणाली में सब्जेक्‍ट कॉम्‍बनेशन के अंतर्गत कोई सख्‍त सीमा निर्धारित नहीं की गई है। एनआईओएस द्वारा उपलब्ध कराए गए विषयों की लिस्‍ट में से विषय का चयन करना शिक्षार्थी का विवेक पर निर्भर है। 50,000 छात्रों के साथ लगभग 100 मदरसे एनआईओएस से मान्यता प्राप्त हैं। इसके अलावा, भविष्य में एनआईओएस के साथ मदरसों की मांग के आधार पर लगभग 500 और मदरसों को मान्यता देने की योजना है।

जानें क्या किया गया था दावा

बता दें प्रकाशित खबरों में ये दावा किया गया था कि एनआईओएस 100 मदरसों में प्राचीन भारतीय ज्ञान और परंपरा को लेकर नया स्‍लेबस लेकर आ रहा है। जो देश की नई शिक्षा नीति का हिस्‍सा है। एनआईओएस कक्षा 3, 5 और 8 के लिए इस बेसिक कोर्स की शुरूआत करेगा। जिसके अंतर्गत एनआईओएस ने प्राचीन भारत के ज्ञान से संबंधित लगभग 15 कोर्स तैयार किए हैं। जिसके अंतर्गत वेद, योग, विज्ञान, संस्‍कृत भाषा, रामायण, गीता समेत अन्‍य विषय शामिल किया गया है। इसी के संबंध में सरकार ने गीता, रामायण को मदरसों में ले जाने के लिए NIOS नामक एक समाचार रिपोर्ट के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है।

https://hindi.oneindia.com/photos/hot-sexy-shraddha-kapoor-asked-for-a-unique-gift-from-papa-on-her-birthday-59851.html

Fact Check

दावा

शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ ओपन स्‍कूलिंग (NIOS) ने मदरसों के पाठ्यक्रम में गीता, रामायण और योग को शामिल करते हुए अनिवार्य कर दिया है।

नतीजा

सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि यह टाइम्स ऑफ इंडिया में "NIOS to take Gita, Ramayan to Madrassas". शीर्षक से प्रकाशित समाचार रिपोर्ट तथ्यों को विकृत कर दिया है।सत्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया

Rating

Misleading
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+