Fact Check: टीकाकरण अभियान की वजह से पैदा हो रहे हैं कोरोना के नए वेरिएंट, क्या है दावे की सच्चाई?
Fact Check: क्या टीकाकरण अभियान की वजह से पैदा हो रहे नए वेरिएंट, क्या है दावे की सच्चाई?
नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए मामले बीते एक महीने में काफी तेजी से बढ़े हैं। कोरोना संक्रमण के नए मामले अब रोजाना एक लाख के आंकड़े पर जा पहुंचे हैं। टीकाकरण अभियान ने भी बीते एक महीने में ही जोर पकड़ा है और नए मामले भी इस दौरान बढ़े हैं। वहीं कोरोना के नए वेरिएंट भी मिलने की बात सामने आई है। इस सबके बीच एक नया दावा भी सोशल मीडिया पर किया जा रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि टीकाकरण की वजह से कोरोना के नए वेरिएंट पैदा हो रहे हैं, जिसके चलते तेजी से संक्रमण फैलने लगा है और ये बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा।

कहा जा रहा है कि मौजूदा टीकाकरण अभियान से जिस तरह से नए वेरिएंट पैदा होंगे, उससे दुनिया की बड़ी आबादी संक्रमण की चपेट में आएगी। दरअसल बेल्जियम के गीर्ट वांडेन बॉसचे की एक चिट्ठी के आधार पर ये दावा किया जा रहा है। पशुओं में बीमारियों को लेकर रिसर्च करने वाले गीर्ट ने कहा है कि सामूहिक टीकाकरण कार्यक्रम वायरस के केरियर के तौर पर काम कर रहे हैं।
इस दावे की पड़ताल करने पर पता चलता है कि ये बातें तथ्यों से परे हैं। टीकाकरण के चलते नए वेरिएंट पैदा होने का कोई सबूत नहीं है। अभी कोई ऐसा वेरिएंट नहीं है जो टीकाकरण शुरू होने के बाद पैद हुआ हो। ज्यादातरश म्यूटेंट टीकाकरण अभियान शुरू होने से पहले से मौजूद हैं। इसके उलट इस बात के सबूत मिले हैं कि टीकाकरण ट्रांसमिशन को कम करता है। ऐसे में यह कहा जाना कि टीकाकरण अभियान से दुनिया की बड़ी आबादी संक्रमण की चपेट में आ जाएगी और ये बर्बादी की वजह बन जाएगा। ये एकदम गलत है और ये पूरी तरह से एक डर का माहौल बनाने की कोशिश लगती है।

Fact Check
दावा
टीकाकरण अभियान की वजह से पैदा हो रहे हैं कोरोना के नए वेरिएंट
नतीजा
दावे में सच्चाई नहीं, टीकाकरण से कोरोना के नए वेरिएंट पैदा होने का सबूत नहीं












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