Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच?

Is lockdown again in india 2026? सोशल मीडिया पर इन दिनों 'इंडिया लॉकडाउन अगेन' और 'लॉकडाउन 2026' ट्रेंड कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा और राज्यसभा में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर दिए गए भाषणों के बाद लॉकाडाउन लगने के दावे किए जाने लगे।

वहीं बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक की घोषणा ने अटकलों को और हवा दी। लोग 'क्या भारत में फिर से लॉकडाउन लगेगा?' और 'एनर्जी लॉकडाउन क्या है?' जैसे सवाल ऑनलाइन खोज रहे थे। लेकिन क्या भारत में वाकई एक और राष्ट्रव्यापी बंद की ओर बढ़ रहा है? जानिए इस वायरल खबर का सच।

Fact Check

लॉकडाउन की अफवाहें किस वजह से भड़कीं?

दरअसल, इन अटकलों की जड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय भाषणों में थी। सोमवार और मंगलवार को लोकसभा व राज्यसभा में पश्चिमी एशिया संघर्ष पर बोलते हुए, पीएम मोदी ने COVID-19 महामारी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं को याद किया और पीएम मोदी ने 'कोविड जैसी तैयारी' के आह्वान किया था।

Fact Check: क्या पीएम मोदी ने कहा लॉकडाउन लगने वाला है?

दरअसल, पीएम मोदी ने खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के आर्थिक प्रभावों पर टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने कहा "होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग की दिक्कतों की वजह से हालात मुश्किल बने रह सकते हैं और इनका असर लंबे समय तक पड़ सकता है। इसलिए हमें पहले से तैयार रहना होगा और मिलकर काम करना होगा। जैसे हमने कोरोना महामारी के समय एकजुट होकर हालात संभाले थे, वैसे ही इस बार भी हमें साथ मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा।"

हालांकि, पीएम मोदी ने अपने दोनों भाषणों में 'लॉकडाउन' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, सिर्फ COVID-19 दौर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था, 'हमें तैयार और एकजुट रहना चाहिए।

Fact Check: लॉकडाउन के दावे महज अफवाह हैं

2026 में लॉकडाउन को लेकर फैली खबरें गलत हैं। भारत सरकार की ओर से किसी नए लॉकडाउन की कोई आधिकारिक योजना नहीं है। यह भ्रम 24 मार्च 2020 के लॉकडाउन की याद और "तैयार रहने" जैसे बयानों के कारण फैला।

सरकार की असली तैयारी किस लिए है

सरकार का फोकस अर्थव्यवस्था को चालू रखने और तेल-गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है। वैश्विक तनावों के बीच आयात स्रोत बढ़ाए गए हैं और राज्यों को जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता और कमजोर वर्गों पर असर कम हो। सरकार ने जोखिम कम करने के लिए कच्चे तेल और एलएनजी आयात स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक विविधीकृत किया है। पीएम ने राज्यों से जमाखोरी-कालाबाजारी के खिलाफ सतर्क रहने को कहा, जिसका ध्यान अर्थव्यवस्था को बंद करने के बजाय उसे सुचारु रूप से चलाने पर है।

लॉ‍कडाउन की छठीं वर्षगांठ ने दिया अफवाहों को तूल

हालांकि, दूसरा पहलू ये भी ये भी है कि सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा लॉकडाउन 2020 लॉकडाउन (24 मार्च) की छठी वर्षगांठ से भी मेल खाता है। इस 'वर्षगाँठ प्रभाव' ने, प्रधानमंत्री की ईरान-इज़राइल-अमेरिका तनावों के 'लंबे समय तक चलने वाले' प्रभावों पर कड़ी चेतावनी के साथ मिलकर, गलत सूचनाओं के प्रसार का माहौल बनाया।

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