Fact Check: क्या CoWIN प्लैटफॉर्म को किया गया हैक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया फेक दावे का सच
नई दिल्ली, 29 मई। कोरोना वायरस संकट के बीच महामारी को लेकर सोशल मीडिया पर रोजाना नए दावा सामने आ रहे हैं, जिनका हकीकत से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। ऐसा ही एक दावा वैक्सीन के सरकारी पोर्टल कोविन को लेकर सामने आया है। कई सोशल मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन प्लैटफॉर्म को हैक करके एक कुछ खास लोगों को वैक्सीनेशन का फायदा पहुंचाया। हालांकि शनिवार को खुद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस तरह को दावों को खारिज कर दिया।

आपको बता दें कि देश में जारी टीकाकरण अभियान के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कोविन प्लैटफॉर्म को लॉन्च किया था। इस पोर्टल पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर समय लिया जा सकता है। कोविन पोर्टल को लेकर पहले भी कई अफवाह उड़ाई जा चुकी है लेकिन सरकार ने समय-समय पर सभी का खंडन किया है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश अभी भी जूझ रहा है ऐसे में सोशल मीडिया पर भ्रमित करने वाले दावों ने केंद्र और राज्य सरकारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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कोविन प्लैटफॉर्म हैक होने और कुछ खास लोगों को वैक्सीनेशन का फायदा पहुंचाने के दावों का खंडन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोविन प्लेटफॉर्म की कुछ निराधार मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बेईमान तत्वों को लाभ पहुंचाने के लिए सिस्टम को हैक करने की अनुमति दी जा रही है। यह रिपोर्ट गलत है और मामले की पूरी जानकारी से अवगत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा, टीकाकरण अभियान की जटिलता के बारे में बुनियादी समझ की कमी के कारण कोविन प्लेटफॉर्म पर नागरिकों को स्लॉट नहीं मिलने का झूठ फैलाया जा रहा है।

Fact Check
दावा
कोविन प्लैटफॉर्म को हैक करके एक कुछ खास लोगों को वैक्सीनेशन का फायदा पहुंचाया।
नतीजा
यह रिपोर्ट गलत है और मामले की पूरी जानकारी से अवगत नहीं है।












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