Fact Check: क्या ITLF ने मणिपुर में संघर्ष के लिए कुकी समुदाय से माफी मांगी है? जानें खबर की सच्चाई
समाचार एजेंसी एएनआई, टाइम्स ऑफ इंडिया समेत, द प्रिंट समेत कई अखबारों ने आज एक खबर चलाई जिसमें कहा गया कि आईटीएलएफ (ITLF) ने मैतेई लोगों के साथ संघर्ष के लिए कुकी समुदाय के लोगों से माफी मांगी है। यह दावा कथित तौर पर आईटीएलएफ के एक पत्र के साथ इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।लेकिन इस खबर की सच्चाई अब सामने आ गई है।
द क्विंट द्वरा किए गए फैक्ट चेक के मुताबिक यह रिपोर्ट फर्जी पाई गई। मणिपुर के स्वदेशी जनजातीय नेता फोरम ने कहा कि यह "फर्जी प्रेस विज्ञप्ति" पर आधारित थी। दे क्विंट ने आईटीएलएफ के स्थानीय प्रवक्ता से बात भी की और प्रवक्ता ने बताया कि यह फर्जी प्रेस विज्ञप्ति है।

फर्जी पत्र में क्या कहा गया है?
इस फर्जी पत्र में उल्लेख किया गया है कि आईटीएलएफ ने कुकी समुदाय से माफी मांगी है। इस पत्र में कहा गया है कि ITLF ने यह बात मानी है कि उसने कुकी समुदाय को मतई समुदाय के खिलाफ भड़काया और गुमराह किया। जिससे यह हिंसा और ज्यादा भड़क गई।
सच्चाई ऐसे आई सामने
द क्विंट ने आईटीएलएफ के प्रवक्ता गिन्जा वुएलजों से बात की, जिन्होंने आईटीएलएफ द्वारा माफी मांगने के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि वायरल पत्र फर्जी है। उन्होंने कहा कि आखिरी पीआर 8 जुलाई को मणिपुर में हो रही हिंसा पर उनकी टिप्पणियों के लिए दो कुकी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की निंदा करते हुए साझा किया गया था। द क्विंट के मुताबिक वायरल प्रेस विज्ञप्ति और आईटीएलएफ की सभी प्रेस विज्ञप्तियों में तारीख का प्रारूप गलत था - महीने और वर्ष के बीच कोई जगह नहीं थी।

Fact Check
दावा
समाचार एजेंसी एएनआई, टाइम्स ऑफ इंडिया समेत, द प्रिंट समेत कई अखबारों ने आज एक खबर चलाई जिसमें कहा गया कि आईटीएलएफ (ITLF) ने मैतेई लोगों के साथ संघर्ष के लिए कुकी समुदाय के लोगों से माफी मांगी है।
नतीजा
समाचार एजेंसी एएनआई, टाइम्स ऑफ इंडिया समेत, द प्रिंट समेत कई अखबारों ने आज एक खबर चलाई जिसमें कहा गया कि आईटीएलएफ (ITLF) ने मैतेई लोगों के साथ संघर्ष के लिए कुकी समुदाय के लोगों से माफी मांगी है। यह द












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