Fact Check: एक दशक बाद किया गया CRPF का आधुनिकिकरण?, जानें सच
नई दिल्ली, 03 जनवरी: इन दिनों सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट की बाढ़ आई हुई है। 1 जनवरी, 2022 के कई वायरल ट्वीट्स में दावा किया गया है कि भारत के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) को एक दशक बाद गियर(साजो-सामान) से अपग्रेड किया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर इस मैसेज के साथ दो तस्वीरें भी शेयर की जा रही है। जिस पर लिखा गया है, सीआरपीएफ जवान 2011 बनाम सीआरपीएफ जवान 2022।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को दो सीआरपीएफ जवानों की फोटो के साथ शेयर किया गया है। वायरल पोस्ट में लिखा है कि, सीआरपीएफ जवान 2011 बनाम सीआरपीएफ जवान 2022...बुद्धिमानी से भारत चुनें। जय हिंद! इस वायरल पोस्ट की वन इंडिया की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की है। हमारी जांच में ये वायरल हो रही पोस्ट फर्जी साबित हुई है। वायरल हो रही तस्वीर को 2011 का बताया जा रहा है जबकि तस्वीर 2017 की है।

जब हमने इन तस्वीरों को रिवर्स इमेज सर्च के साथ खोजा तो पता चला कि, वायरल हो रही पहली तस्वीर को 2011 का बताया गया है। इसमें दिख रहा जवान सीआईपीएफ से ही है। दूसरी तस्वीर में दिख रहा जवान सीआरपीएफ की इलीट कमांडोज विंग का सदस्य है। पहली तस्वीर, जिसे 2011 में लेने का दावा किया गया है, उसमें एक जवान को खाकी पैंट, एक सेना जैकेट के साथ इंसास राइफल से लैस दिखाया गया है। दरअसल वह तस्वीर 2017 की है।
रिवर्स इमेज सर्च में पता चला कि, यह तस्वीर फोटोग्राफर अरबाज मुगल ने 2017 में श्रीनगर में अलामी न्यूज लाइव के लिए क्लिक की थी। इससे साबित होता है कि, पहली तस्वीर एक दशक पुरानी नहीं है, जैसा कि पोस्ट में दावा किया गया है।वहीं दूसरी वायरल इमेज में उन्नत सैन्य गियर में एक जवान दिख रहा है, जिसमें एक नाइट-विज़न-संलग्न सैन्य हेलमेट और एक संचार उपकरण शामिल है। उनकी ग्रे वर्दी के दोनों ओर 'कमांडो' लिखा हुआ दिख रहा है। करीब से देखने पर उनकी एक आस्तीन पर "वैली क्यूएटी" लिखा हुआ है।

जब रिवर्स इमेज सर्च में कीवर्ड 'वैली क्यूएटी' सर्च किया तो हमें चौंकाने वाली जानकारी मिली। स्टॉक फोटो फर्म गेटी इमेजेज की वेबसाइट पर यही तस्वीर मिली। जिससे पता चला कि, यह तस्वीर जनवरी 2021 में गणतंत्र दिवस के मौके पर खींची गई थी। गणतंत्र समारोह के कार्यक्रम को देखते हुए हाई अलर्ट लगाया गया था। इस दौरान सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के कमाडोज लगाए गए थे। इससे साफ पता चलता है कि, वायरल तस्वीरों के साथ किया जा रहा दावा गलत है।

Fact Check
दावा
भारत के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) को एक दशक बाद गियर(साजो-सामान) से अपग्रेड किया गया है।
नतीजा
वायरल हो रही तस्वीर 2017 और 2021 की है। यहीं नहीं दोनों अलग अगल यूनिट की तस्वीरें हैं।












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