IIT दिल्ली ने बजाई भारत की डंका, QS World Rankings 2026 में बना देश का नंबर 1 संस्थान
QS World Rankings 2026: भारतीय शिक्षा जगत के लिए 19 जून एक ऐतिहासिक दिन रहा है। इस दिन देश की राजधानी में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली (IIT Delhi) ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में जबरदस्त छलांग लगाई है। इसके साथ ही IIT Delhi ने 123वां वैश्विक स्थान हासिल किया है।
यह IIT दिल्ली की अब तक की सबसे बेहतरीन रैंकिंग है, जिसने इसे देश का नंबर-1 विश्वविद्यालय बना दिया है। पिछले साल QS रैंकिंग 2025 में IIT दिल्ली को 150वां स्थान मिला था। लेकिन इस बार उसने न केवल 27 पायदान की छलांग लगाई है, बल्कि लगातार कई सालों से टॉप पर बने IIT बॉम्बे को भी पछाड़ दिया है।

IIT बॉम्बे इस बार 129वें स्थान पर आ गया है (2025 में 118वें पर था)। इससे यह स्पष्ट है कि भारत के तकनीकी शिक्षा के नक्शे पर अब IIT दिल्ली सबसे चमकता सितारा बनकर उभरा है।
27 पायदान की ऐतिहासिक छलांग
पिछले साल 2025 में IIT Delhi की रैंकिंग 150वीं थी। इस साल 27 स्थान ऊपर चढ़कर संस्थान ने न केवल अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दिखाया, बल्कि वर्षों से शीर्ष पर बने IIT बॉम्बे को भी पीछे छोड़ दिया, जो इस बार 11 स्थान खिसककर 129वें स्थान पर पहुंच गया है।
IIT दिल्ली को यह रैंकिंग शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, शोध गुणवत्ता, और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता जैसे 10 प्रमुख मानकों के आधार पर मिली है। संस्थान ने 'सिटेशन प्रति फैकल्टी' श्रेणी में वैश्विक 86वां स्थान, 'नियोक्ता प्रतिष्ठा' में 50वां स्थान, 'सस्टेनेबिलिटी' में 172वां स्थान, और 'अकादमिक रिपोटेशन' में 142वां स्थान प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि
इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुशी और गर्व जाहिर किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर ट्वीट करते हुए कहा, "QS World University 2026 Rankings हमारे शिक्षा क्षेत्र के लिए शानदार खबर लेकर आई हैं। हमारी सरकार भारत के युवाओं के लाभ के लिए अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
प्रधानमंत्री के इस बयान को शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की निरंतर कोशिशों और सुधारों की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी 2026 रैंकिंग में वैश्विक सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में 54 भारतीय HEIs की उपस्थिति भारत के लिए एक नई ऊंचाई है। 2014 में जहां केवल 11 भारतीय विश्वविद्यालय इस सूची में थे, वहीं अब यह संख्या पांच गुना बढ़कर 54 हो गई है। यह पीएम मोदी जी की सरकार द्वारा पिछले एक दशक में लाए गए परिवर्तनकारी शैक्षणिक सुधारों का प्रमाण है।"
इंडियन इंस्टिट्यूट की QS World Rankings में भारी उछाल
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। इस साल भारत के 54 विश्वविद्यालय इस वैश्विक रैंकिंग में शामिल हुए हैं, जो कि 2025 की तुलना में 8 अधिक हैं। एक दशक पहले यानी 2015 में यह संख्या केवल 11 थी। यानी पिछले 10 वर्षों में 390% की वृद्धि हुई है, जो G20 देशों में सबसे तीव्र वृद्धि मानी गई है।
इस तरह भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका (192 संस्थान), यूनाइटेड किंगडम (90 संस्थान) और चीन (72 संस्थान) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
शीर्ष भारतीय संस्थानों की सूची (QS 2026 रैंकिंग के अनुसार)
| रैंकिंग | टॉप इंडियन इंस्टिट्यूट | |
|---|---|---|
| 1 | 123 | IIT दिल्ली |
| 2 | 129 | IIT बॉम्बे |
| 3 | 180 | IIT मद्रास |
| 4 | 215 | IIT खड़गपुर |
| 5 | 219 | भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु (IISc) |
| 6 | 222 | IIT कानपुर |
| 7 | 328 | दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) |
| 8 | 334 | IIT गुवाहाटी |
| 9 | 339 | IIT रुड़की |
| 10 | 465 | अन्ना यूनिवर्सिटी |
| 11 | 503 | शूलिनी यूनिवर्सिटी |
| 12 | 556 | IIT इंदौर |
| 13 | 558 | जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) |
| 14 | 566 | IIT BHU वाराणसी, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी |
| 15 | 575 | चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी |
| 16 | 664 | IIT हैदराबाद, मुंबई यूनिवर्सिटी |
| 17 | 668 | BITS पिलानी |
| 18 | 676 | जादवपुर यूनिवर्सिटी |
| 19 | 691 | VIT वेल्लोर |
विशेष रूप से, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय विश्वविद्यालयों में 16वां स्थान प्राप्त किया है। दुनिया की बात करें तो मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह लगातार 14वीं बार है जब MIT ने खुद को दुनिया का नंबर-1 विश्वविद्यालय साबित किया है।
क्या है QS रैकिंग के प्रमुख मानदंड
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 10 प्रमुख मानकों के आधार पर विश्वविद्यालयों को परखती है:
- शैक्षणिक प्रतिष्ठा (Academic Reputation)
- Employer Reputation
- फैकल्टी-स्टूडेंट रेशियो
- प्रति फैकल्टी शोध उद्धरण
- अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी अनुपात
- इंटरनेशनल रिसर्च रेशियो
- इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क
- Employment Outcomes
- सस्टेनेबिलिटी
IIT दिल्ली की यह सफलता न केवल संस्थान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की वैश्विक मान्यता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। QS की यह रैंकिंग भारत के लिए एक प्रेरणास्पद संकेत है कि अगर गुणवत्ता, शोध और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया जाए, तो भारतीय विश्वविद्यालय वैश्विक मंच पर अग्रणी बन सकते हैं।
भारत के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। प्रधानमंत्री की 'विश्वगुरु भारत' की परिकल्पना को उच्च शिक्षा की यह उपलब्धि एक ठोस आधार देती है। अगर रिसर्च पर और निवेश, फैकल्टी डेवलपमेंट, स्टूडेंट-टीचर रेशियो और ग्लोबल कोलैबरेशन पर ज़ोर दिया जाए, तो भारत आने वाले वर्षों में टॉप 50 और टॉप 20 की दौड़ में भी शामिल हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वर्षों में भारत के कितने और विश्वविद्यालय इस सूची में अपना स्थान बना पाते हैं और भारत की शिक्षा व्यवस्था वैश्विक मानचित्र पर किस तरह से उभरती है।












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