CBSE मैथ्स एग्जाम पर स्टूडेंट्स ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया, जानिए कैसा था पेपर का डिफिक्लटी लेवल

CBSE की 10वीं कक्षा की गणित परीक्षा संपन्न हो गई है। इस परीक्षा को लेकर छात्रों और शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अधिकांश छात्रों ने इसे थोड़ा कठिन और लंबा बताया, जबकि शिक्षकों का कहना है कि पेपर संतुलित था और NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित था। हालांकि, सीधे सवाल कम थे, और अधिकतर प्रश्न घुमावदार और विश्लेषणात्मक थे। इससे छात्रों को हल करने में ज्यादा समय लगा।

कई छात्रों ने महसूस किया कि गणना (calculation) अधिक होने के कारण यह परीक्षा लंबी हो गई। हालांकि, शिक्षकों का मानना है कि जिन छात्रों ने अवधारणाओं (concepts) को अच्छी तरह समझा था और प्रैक्टिस की थी, उनके लिए यह पेपर बहुत कठिन नहीं था।

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कुछ छात्रों ने त्रिकोणमिति (Trigonometry), निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) और बीजगणित (Algebra) से जुड़े सवालों को चुनौतीपूर्ण बताया। वहीं, कई शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा छात्रों के अवधारणात्मक ज्ञान (conceptual understanding) और समस्या-समाधान की क्षमता (problem-solving ability) को परखने के लिए बनाई गई थी।
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सेट 1 था सबसे कठिन

एक छात्र ने बताया कि उसे सेट 1 मिला, जो अन्य सेटों की तुलना में सबसे कठिन था। उसने कहा, "MCQs काफी जटिल थे और 3 तथा 5 अंकों वाले सवालों को हल करने में मुश्किल हुई, खासकर त्रिकोणमिति से जुड़े प्रश्न बहुत घुमावदार थे।"

इसी स्कूल के दुसरे छात्र ने बताया कि सेट 2 अन्य सेटों की तुलना में थोड़ा आसान था, लेकिन फिर भी प्रश्न संख्या 25, जो निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) से जुड़ा था, बहुत कठिन था।

संतुलित लेकिन लंबी थी गणित परीक्षा

गणित के शिक्षक ने कहा कि यह पेपर संतुलित था लेकिन लंबा था। उन्होंने बताया कि पेपर में छात्रों की अवधारणाओं, समस्या-समाधान की क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान की परीक्षा ली गई थी। इस बार का पेपर लगभग समान कठिनाई वाला था, लेकिन इस बार बीजगणित (Algebra) और ज्यामिति (Geometry) में अधिक विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे गए थे।

एक अन्य गणित शिक्षिका ने कहा कि MCQs काफी घुमावदार थे, जिनमें अधिक गणना करनी पड़ी, जिससे पेपर लंबा हो गया। उन्होंने कहा, "प्रश्नों की भाषा स्पष्ट थी, लेकिन फिर भी पेपर हल्का कठिन था।"

परीक्षा का स्तर रहा संतुलित

फरीदाबाद के एक गणित शिक्षक ने बताया कि यह परीक्षा मध्यम स्तर की थी। कुछ प्रश्न थोड़े कठिन थे, लेकिन ज्यादातर प्रश्न सिलेबस और प्री-बोर्ड परीक्षा के पैटर्न के अनुसार थे। जिन छात्रों ने अच्छी तैयारी की थी, उन्हें अधिक परेशानी नहीं हुई और वे अच्छे अंक लाने को लेकर आश्वस्त हैं।

नोएडा की छात्रा ने बताया, "पेपर देखकर खुशी हुई, क्योंकि कई सवाल क्लास में पहले ही हल किए जा चुके थे, लेकिन कुछ में ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।" उन्होंने बताया कि सेट 3 के प्रश्न संख्या 32 में BPT से जुड़ी एक अस्पष्ट (ambiguous) बात थी, और केस स्टडी आधारित सवाल भी जटिल थे।

अच्छी तरह से तैयार किए गए थे प्रश्न

कुल मिलाकर, शिक्षकों और छात्रों के अनुसार, CBSE की यह परीक्षा NCERT के पाठ्यक्रम पर आधारित थी और इसमें ज्ञान, तर्क शक्ति, अवधारणात्मक स्पष्टता और गणना क्षमता की परीक्षा ली गई। यह परीक्षा मध्यम स्तर की थी और इसमें विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए थे। इसमें आंतरिक विकल्प (internal choices), 1 अंकों वाले प्रश्न और केस स्टडी आधारित सवाल भी शामिल थे, जो CBSE के पिछले वर्षों के सैंपल पेपर्स के अनुरूप थे।
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