गुप्त नवरात्र में पांच बार रवियोग, दो बार सर्वार्थसिद्धि योग और पंचक से शुरुआत
नई दिल्ली। 5 फरवरी मंगलवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस गुप्त नवरात्रि में कई शुभ योग-संयोग बन रहे हैं, जो साधक और देवी की आराधना करने वालों को कई गुना अधिक शुभ फल प्रदान करने वाले हैं। इस गुप्त नवरात्रि के 10 दिनों में पांच बार रवियोग तथा दो बार सर्वार्थसिद्धि योग का विशिष्ट योग बन रहा है। खास बात यह भी है कि गुप्त नवरात्रि की शुरुआत पंचक के साथ हो रही है यानी इस दिन की गई देवी की आराधना-साधना पांच गुना अधिक फल प्रदान करेगी।

पंचक योग में मंगल का संयोग
माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मंगलवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र आ रहा है। धनिष्ठा से रेवती तक के पांच नक्षत्र पंचक के नक्षत्र कहलाते हैं। गुप्त नवरात्रि का आरंभ पंचक से हो रहा है। पंचक शुभ कार्यों में विशेष शुभ फल प्रदान करता है। गुप्त नवरात्रि तंत्र, मंत्र साधना के लिए विशेष मानी गई है इसलिए साधक को पांच गुना अधिक शुभ फल मिलेगा। इसके साथ ही एक शुभ संयोग और भी बन रहा है। प्रतिपदा पर मंगलवार है और इसी रात्रि में 11.48 बजे मंगल का अपनी स्वयं की राशि मेष में प्रवेश हो रहा है। यह संयोग सभी प्रकार से शुभ और मंगलदायक होगा। अतः जिन लोगों को जन्मकुंडली में मंगल पीड़ा दे रहा है वे देवी की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे तो मंगल का दुष्प्रभाव शांत होगा और शुभ प्रभाव में वृद्धि होगी। सभी राशि के जातकों के लिए यह मंगल उन्नतिकारक रहेगा।

रवियोग और सर्वार्थसिद्धि योग कब-कब
- 8 फरवरी रवियोग
- 9 फरवरी रवियोग
- 10 फरवरी रवियोग, सर्वार्थसिद्धि योग
- 11 फरवरी रवियोग
- 13 फरवरी रवियोग, सर्वार्थसिद्धि योग

शुभ संयोगों में करें ये उपाय
- गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन मंगलवार है। यह देवी का ही दिन होता है। इसलिए इस दिन दुर्गादेवी के मंदिर जाएं और सुहाग की सामग्री, चुनरी और मिष्ठान्न-श्रीफल अर्पित करें। अपने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करें। इससे आपके जीवन के समस्त संकटों का नाश होगा। धन समृद्धि में वृद्धि होगी।
- गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों तक दुर्गासप्तशती के नियमित पाठ करने से शत्रुओं से रक्षा होगी। सर्वत्र विजय प्राप्त होगी और आर्थिक संकटों का समाधान होगा।
- नवरात्रि में इंद्रिय संयम का पालन करते हुए प्रतिदिन दुर्गा मंदिर में या अपने घर में बैठकर ओम दुं दुर्गायै नमः मंत्र के पांच माला जाप रोज करेंगे तो जिस इच्छा की पूर्ति के संकल्प के साथ ये जाप करेंगे वह अवश्य पूरी होगी।
- जिन युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है। जन्मकुंडली में मंगल परेशान कर रहा है। वे गुप्त नवरात्रि के पहले दिन शाम के समय दुर्गा मंदिर में आटे के पांच दीपक लगाकर आएं और देवी से अपने शीघ्र विवाह की कामना करें। इच्छा जल्द पूरी होगी।












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