लिखावट के आधार पर जानिए व्यक्ति का करियर और नेचर
लखनऊ। एक छोटे बच्चे को बड़े लाड़-प्यार से पाला जाता है, फिर उसे एक इन्सान के रूप ढालने के लिए शिक्षा के मन्दिर में ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रवेश दिलाया जाता है। सर्वप्रथम अक्षर ज्ञान कराया जाता है उसके पश्चात लेखन के लिए प्रेरित किया जाता है। राइटिंग पर विशेष फोकस किया जाता है क्योंकि राइटिंग से व्यक्तित्व का विकास होता है। आगे चलकर जब बच्चा अपने करियर में सफलता अर्जित करता है तब उसके हस्ताक्षर ही इसकी पहचान बन जाते है।
चलिए जानते है लिखावट देखकर कैसे जानें व्यक्ति के करियर के बारे में....

लिखावट से जानिए लोगों का करियर
- जो लोग होटल या रेस्टोरेन्ट के व्यवसाय से जुड़े है, उनके लेखन में अक्षर अलग-2 व दूरी पर होते है तथा लिखने की गति धीमी होती है। अक्षर कभी एक रेखा में सजें नहीं होते है।
- लेखन एंव साहित्य से जुडे लोग लिखते वक्त कटिंग बहुत करते है। इनके अक्षर गोल होते है।
- आर्मी व पुलिस विभाग में काम करने वाले लोगों कि लिखावट में अक्षर मोटे होते है और सलीके से लिखे नहीं होते है। इनकी लिखने की स्पीड अच्छी होती है और ये कॉमा का प्रयोग ज्यादा करते है।

लिखावट से जल्दबाजी प्रतीत होती है
मीडिया में काम करने वाले व्यक्तियों की लिखावट में अक्षर एक-दूसरे से सटे होते है। इनकी लिखावट से जल्दबाजी प्रतीत होती है।
प्रबन्धक, मैनेजर, प्रशासक आदि लोगों की लिखावट विशेष तौर पर साफ सुथरी होती है। अक्षरों को बड़े सलीके से सजाकर रखते है।
इन्जीनियरों की लिखावट के अक्षर बुहत जुड़े होते है तथा इनके अक्षरों का दाॅयी ओर विशेष कर झुकाव होता है।

45 अंश का कोण
- डाक्टरी पेशा से जुड़े हुये लोगों की राइटिंग ऐसे होती हो जो शायद खुद को भी ठीक से समझ में न आयें। लिखने की गति तीव्र होती है। इनके ‘एस' अक्षर की बनावट नीचे से गोलाई लिए होती है।
- अधिवक्ता एंव न्यायिक प्रक्रिया से से सम्बन्धित लोगों की लिखावट में सुन्दरता होती है और ये पहले अक्षर को घुमा के लिखते है लेकिन अन्तिम अक्षर को सीधा एंव दबा लिखते है। इनके लेखन में ही न्याय दिखता है।
- ज्योतिष एंव धर्म से जुड़े लोगों की लिखावट नीचे से ऊपर की ओर होती है। इनके अक्षर नीचे से ऊपर की ओर जाते है। धार्मिक प्रवृत्ति वाले लोगों के हस्ताक्षर नीचे से ऊपर की ओर 45 अंश का कोण बनाये हुये होते है।
- अध्यापक, लेक्चर एंव प्रोफेसर अपने हस्ताक्षर स्पष्ट व साफ सुथरा बनाते है। ये लोग अपने हस्ताक्षर के नीचे एक रेखा खींच देते है अर्थात अंडरलाइन कर देते है।
- आईएस, एसडीएम, प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री, कैबिनट मन्त्री या किसी संस्था के मुखिया आदि ऐसे शीर्ष पर बैठें लोगों के हस्ताक्षर एक छोटे शब्द में सम्पूर्ण नाम का समावेश व शक्ति से परिपूर्ण होते है।
- राजनीति से जुड़े लोग जैसे सांसद, विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, सभासद या किसी प्रकोष्ठ के पदासीन आदि। ये लोग अपने हस्ताक्षर को पूर्ण करने के पश्चात ही देखते है। एक ही शब्द मात्र से वह पूर्ण हस्ताक्षर करते है।













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