Venus-Jupiter Conjunction: आकाश में गुरु-शुक्र के मिलन का अद्भुत दृश्य, 1 मार्च तक और करीब आएंगे दोनों ग्रह
बृहस्पति एक राशि में एक वर्ष की अवधि तक रहता है। इस लिए मीन राशि में बृहस्पति का गोचर 12 साल बाद हुआ है। 12 मार्च को यह संयोग टूट जाएगा।

Venus-Jupiter Conjunction: आकाश के दक्षिण-पश्चिमी भाग में इन दिनों ग्रहों का एक अद्भुत नजारा दिखाई रहा है। चंद्र, गुरु और शुक्र तीनों आसपास अत्यंत खूबसूरत और चमकीले दिखाई दे रहे हैं। यह नजारा बिना किसी दूरबीन या लैंस के साधारण आंखों से भी देखा जा रहा है। इन दिनों आकाश का वातावरण एकदम साफ होने से तीनों ही ग्रह एक क्रम में आसपास दिखाई दे रहे हैं। यह मनमोहक दृश्य 1 मार्च तक देखा जा सकता है। 1 मार्च को शुक्र और गुरु अत्यंत निकट आ जाएंगे।
दरअसल वर्तमान में गुरु और शुक्र एक ही राशि मीन में चल रहे हैं और 24 फरवरी तक इनके साथ चंद्र भी मीन राशि में ही रहा। इसलिए तीनों ग्रहों का एक विशेष क्रम आकाश में देखा जा रहा है। 24 फरवरी से चंद्र मेष राशि में प्रवेश कर रहा है इसलिए गुरु-शुक्र से चंद्र की दूरी तो बढ़ेगी किंतु गुरु-शुक्र और निकट आएंगे। इससे दोनों की आभा में वृद्धि होगी।
12 साल बाद मीन में आया बृहस्पति
बृहस्पति एक राशि में एक वर्ष की अवधि तक रहता है। इस लिए मीन राशि में बृहस्पति का गोचर 12 साल बाद हुआ है। इसी राशि में शुक्र भी आया है। 12 मार्च को शुक्र के मेष राशि में चले जाने के कारण यह संयोग टूट जाएगा और गुरु-शुक्र की दूरी फिर बढ़ने लगेगी।
कब-किस ओर देखें
आकाश में इन ग्रहों को देखना हो तो दक्षिण-पश्चिम आकाश में सूर्यास्त के बाद इन्हें देखा जा सकता है। ये दोनों ग्रह अत्यंत चमकीले दिखाई दे रहे हैं। इनमें नीचे शुक्र और ऊपर वाला ग्रह बृहस्पति है।
सबसे चमकीला ग्रह है शुक्र
खगोल विज्ञान के अनुसार गुरु और शुक्र की कक्षाओं की दूरी लगभग 43 करोड़ मील है। सूर्य के परिभ्रमण के दौरान एक समय दोनों ग्रह पृथ्वी से एक ही दिशा में दिखाई देते हैं। आकाश मंडल में शुक्र सूर्य और चंद्र के बाद सबसे चमकीला ग्रह है। यह गुरु से आकार में अत्यंत छोटा होने के कारण सर्वाधिक चमकीला ग्रह है।












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