VASTU TIPS : क्या-क्या बार आप के साथ हो रहे हैं हादसे? कहीं वास्तु दोष तो नहीं इसका कारण?

VASTU TIPS : कई बार हम देखते हैं कि हमारे साथ या हमारे परिवार के सदस्यों के साथ अचानक दुर्घटनाएं होने लगती हैं। वाहन दुर्घटना, चोट लगना या अन्य तरह की बुरी घटनाएं होने लगती हैं। तमाम सावधानियां और सतर्कता रखने के बाद भी हम ऐसी दुर्घटनाओं को रोक नहीं सकते।

VASTU TIPS

जब इसका कारण तलाशा जाए तो निश्चित तौर पर घर का कोई न कोई वास्तुदोष सामने आएगा। यदि आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो इस बातों और लक्षणों पर गौर करें और उनसे बचाव के उपाय करें।

क्या है कारण

दुर्घटनाओं का कारण शनि से जुड़ा होता है। वास्तुशास्त्र में शनि की दिशा पश्चिम होती है। यदि घर के पश्चिम दिशा में कोई वास्तुदोष हो तो ऐसी आकस्मिक घटनाएं होना प्रारंभ हो जाती है। पश्चिम दिशा में जल स्थान का होना आगजनित दुर्घटनाओं का बड़ा कारण होता है। वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं तो आपके घर की पश्चिम दिशा में टूटे-फूटे फर्नीचर, पुराना अटाला-कबाड़ा रखा होना, टूटे कांच या कांच के बर्तन होना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण होता है। पश्चिम दिशा में यदि आपने सीढ़ियां बना रखी हैं तो वह भी किसी न किसी तरह आपको आगे बढ़ने से रोकती हैं और उसके पीछे दुर्घटना ही कारण बनती है।

कैसे दूर करें

यदि घर में तोड़फोड़ करना संभव हो तो यहां से जल स्थान या सीढ़ियां बिलकुल हटा देना चाहिए। पश्चिम दिशा को साफ-स्वच्छ रखें। इसे संभव हो तो खुला रखना चाहिए और यहां फूल और फलदार पौधे लगाए जा सकते हैं। पश्चिम दिशा में पीतल पांच पट्टियां लगाना चाहिए। इस भाग में की जमीन को कच्चा रखना चाहिए। यदि कच्चा रखना संभव न हो तो एक मिट्टी के चौकोर गमले में पांच तरह की मिट्टी मिलाकर रखें और उसमें कोई पौधा न लगाएं। इस दिशा की दीवार पर नीला या ग्रे रंग करना ठीक रहेगा। पश्चिम दिशा में टूटे-फूटे कांच, फर्नीचर आदि नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में वाहन रखने के लिए गैरेज बनाया जा सकता है या खुले स्थान में ही अपने वाहन रखे जा सकते हैं।

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