Vastu Tips: भगवान शिव से जुड़े पांच पेड़ लगाएं होगी हर मनोकामना पूरी
Vastu Tips:हमारा पूरा वास्तु शास्त्र प्रकृति पर आधारित है। प्रकृति की ऊर्जा का संतुलन बनाकर किसी घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा सकता है।इसी प्रकृति को हमारे वेदों में भी महत्व दिया गया है। इसीलिए पेड़ पौधों को साक्षात देवता कहा गया है।
अभी श्रावण मास भी चल रहा है ऐसे में शिवजी से जुड़े पांच पेड़ लगाकर आप शिवजी को भी प्रसन्न कर सकते हैं और वास्तु के अनुसार अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर भी कर सकते हैं।

तो आइए जानते हैं वे पांच पेड़ जिनका वास्तु में भी बड़ा महत्व बताया गया है...
बिल्व पत्र : बिल्व पत्र शिवजी का बहुत प्रसन्न हैं। बिल्व पत्र का पेड़ लगाने वाला मनुष्य अपने सात पीढ़ियों को तार देता है। अर्थात् सात पूर्व और सात अगली पीढ़ियों तक सभी सुख समृद्धिशाली होते हैं। वास्तु में बिल्व पत्र के पेड़ को सर्वरोगहर कहा गया है। इससे निकलने वाली ऊर्जा वातावरण के सारे कीटाणुओं को नष्ट कर देती है। इस पेड़ के घर के आंगन में लगे होने से जहरीले जीव-जंतु घर के दायरे में प्रवेश नहीं करते।
आंकड़ा : आंकड़ा शिवजी को अत्यंत प्रिय है। घर के आंगन में आंकड़े का पेड़ लगाकर उसके फूल नित्य प्रतिदिन शिवजी को अर्पित करने से निरोगी काया प्राप्त होती है। आंकड़े के पुष्प चढ़ाने वाले मनुष्य के पास कोई रोग नहीं फटकता।
धतूरा : शिवजी की पूजा में धतूरे का उपयोग किया जाता है। किंतु धतूरे का पेड़ घर के आंगन में नहीं लगाया जाता। इसके घर के सीमा से बाहर लगाया जा सकता है या घर की छत पर लगाया जा सकता है गमले में। धतूरे का पेड़ घर में होने से जहरीले कीट पतंगों का आतंक घर में नहीं होता और ऐसा घर बाहरी नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षित रहता है।
शमी : शमी का पौधा शिवजी का भी प्रिय है और शनि और गणेशजी का भी प्रिय है। शमी का पौधा श्रावण मास में घर में लगाने से आर्थिक संपन्नता आती है और शनि की पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है।
हरसिंगार : भगवान कृष्ण का प्रिय हरसिंगार का पौधा शिवजी को भी अत्यंत प्रिय है। हरसिंगार का पौधा घर में होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।












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