अगर गुस्सा बहुत आता है और BP हाई रहता है तो जरूर पहनिए मोती
नई दिल्ली। मोती एक शुभ रत्न है क्योंकि चन्द्रमा शुभ ग्रह माना जाता है। क्रोधी स्वभाव के व्यक्तियों को अगर मोती पहनाया जाय तो उनका क्रोध शान्त हो जाता है। यदि पति-पत्नी में झगड़ा बना रहता है तो मोती धारण करने लाभ मिलता है। जिन लोगों का बल्डप्रैशर अधिक रहता है, उन्हें मोती पहने से फायदा होता है। हार्ट ट्रबल रोगी व जो लोग हमेशा चिन्ताग्रस्त रहते है, वे लोग अगर मोती पहने तो अवश्य उन्हें रोग व तनाव में कमी होगी।
आईये जानते है कि चन्द्रमा के प्रथम भाव में होने पर किस लग्न वाले जातक को मोती धारण करने से क्या-क्या लाभ व हानि होगी ?
- मेष लग्न-इस लग्न में चन्द्रमा चतुर्थेश बनकर लग्न में स्थित होता है। अतः मोती धारण करने से घरेलू सुख में वृद्धि होगी, माता, मकान व वाहन का सुख मिलेगा। राजनैतिक लोगों के लिए मोती धारण करना विशेष लाभकारी सिद्ध होगा।
- वृष लग्न- चन्द्रमा तृतीयेश होकर लग्न में उच्च राशि में स्थित है। अतः मोती धारण करने से जातक अपनी मेहनत से अपने भाग्य का निर्माण करता है और उसके पराक्रम व साहस में वृद्धि होती है। अतः मोती धारण करना लाभप्रद रहेगा।

चन्द्रमा तृतीयेश होकर लग्न में स्थित होता है
- मिथुन लग्न-चन्द्रमा तृतीयेश होकर लग्न में स्थित होता है। इसलिए मोती धारण करने से धन संग्रह होता है एंव मन को शान्ति मिलती है।
- कर्क लग्न-इस लग्न में चन्द्रमा लग्नेश होकर लग्न में स्थित है। अतः मोती धारण करने से स्वास्थ्य में लाभ होगा एंव जातक अपने मानसिक बल से हर क्षेत्र में सफलता अर्जित करेगा।
- सिंह लग्न-चन्द्रमा द्वादशेश होकर लग्न में स्थित होता है। इस लग्न वाले जातकों को मोती नहीं धारण करना चाहिए क्योंकि मोती पहनने से स्वास्थ्य में गिरावट आयेगी, फिजूल खर्चे बढ़ेगें एंव कार्यो में रूकावटें आयेगी।

मोती धारण करने से हर प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे
- कन्या लग्न- चन्द्रमा लाभेश होकर लग्न में स्थित होता है। चन्द्रमा लाभेश है, इसलिए मोती धारण करने से हर प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे। धन की वृद्धि होगी, नयें लोगों से मित्रता होगी और जिसका भविष्य में लाभ होगा।
- तुला लग्न- चन्द्रमा लग्न में होने से जातक को कामकाज की कमी नहीं रहती है। यश मान-सम्मान में वृद्धि होती है। मोती पहनने से हर कार्य में सफलता मिलेगी।
- वृश्चिक लग्न- इस लग्न में चन्द्रमा भाग्येश होकर लग्न स्थान में बैठा है, किन्तु नीच का है। इसलिए मोती पहनना शुभ नहीं रहेगा। मोती पहनने से भाग्य पक्ष में कमी आयेगी एंव विदेश यात्रा में बाधाये आयेंगी। अतः मोती न धारण करें।
- धनु लग्न- चन्द्रमा अष्टमेश होकर लग्न में स्थित है। अतः मोती धारण करने अचानक विपत्तियॉ आयेंगी एंव स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतें ठी बनी रह सकती है। मोती धारण करना शुभप्रद नहीं रहेगा।
- मकर लग्न- चन्द्रमा सप्तमेश बनकर लग्न में स्थित है। अतः मोती धारण करने से पति-पत्नी में आपसी प्रेम बना रहेगा एंव स्थान परिवर्तन करने वाले लोगों के लिए अच्छा रहेगा। इस लग्न वालों को मोती पहनने से फायदा होगा।
- कुम्भ लग्न-चन्द्रमा छठें भाव का मालिक होकर लग्न में स्थित है। छठा भाव रोग एंव विरोधियों का संकेतक भाव है। अतः मोती धारण करने रोग में वृद्धि होगी एंव शत्रृ आप पर हावी होंगे।
- मीन लग्न- चन्द्रमा पंचमेश बनकर लग्न में स्थित होगा। अतः मोती धारण करने से मानिक उर्जा में वृद्धि होगी। अगर सन्तान का समय चल रहा है तो मोती पहनने से कन्या सन्तान हो सकती है। छात्रों को विद्या लाभ होगा। मोती धारण करने से शुभ फल प्राप्त होगें।

स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतें

पति-पत्नी में आपसी प्रेम बना रहेगा













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