जानिए केसर के चमत्कारिक गुण, जो बदल सकते हैं आपकी दुनिया
लखनऊ।सोने जैसी कीमती केसर हल्की, पतली, लाल रंग वाली, कमल की तरह सुन्दर गंधयुक्त होती है। कश्मीरी मोंगरा सर्वोतम मानी गई है। शरद ऋतु के आते ही खुशबूदार और कीमती जड़ी-बूटी 'केसर' की बहार आ जाती है। वर्ष के अधिकतर समय ये खेत बंजर रहते हैं क्योंकि 'केसर' के कंद सूखी जमीन के भीतर पनप रहे होते हैं, लेकिन बर्फ से ढकी चोटियों से घिरे भूरी मिट्टी के मैदानों में शरद ऋतु के अलसाये सूर्य की रोशनी में शरद ऋतु के अंत तक ये खेत बैंगनी रंग के फूलों से सज जाते हैं। आईये जानते है कि केसर के और क्या-क्या फायदे है।
शुभ समाचार
श्री महालक्ष्मी जी का ध्यान कर मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक लगानें से शुभ समाचार की प्राप्ति होती है। घर के मुख्यद्वार पर शुद्ध केसर से स्वास्तिक बनाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं हो पाता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

अवरूद्ध धन मार्ग
अगर धन प्राप्ति के मार्ग में निरन्तर अवरोध उत्पन्न हो रहें है तो शुक्ल पक्ष के प्रथम बृहस्पतिवार को शुद्ध केसर का तिलक माथे पर लगाने लगाने से आने वाले धन के मार्ग के सारे अवरोध समाप्त हो जाते है। ये उपाय लगातार करने से धीरे-धीरे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी होने लगती है।

कन्या के दाम्प्त्य जीवन की खुशहाली हेतु
- पिता अपनी कन्या के विवाह उपरान्त केसर, हल्दी व थोड़ा सोना लेकर दो पुड़िया बनायें व अपनी कन्या को दें। कन्या इसमें से एक पुड़िया अपने पास धन रखने के स्थान पर रखें व दूसरी पुड़िया पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें। ऐसा करने से कन्या का वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।
- व्यापार वृद्धि के लिए-दीपावली की रात्रि बहीखाता, तिजोरी, कलम दवात का पूजन करने से पहले शुद्ध केसर मिला मीठा दही खा लें। इसके पश्चात माॅ लक्ष्मी का विधिवत पूजन करने से व्यवसाय में आश्चर्यजनक प्रगति होती है।
- बृहस्पति ग्रह की अशुभता दूर करने हेतु-यदि आपकी कुण्डली में बृहस्पति ग्रह पीड़ित होकर अशुभ फल दे रहा है तो थोड़ी केसर लेकर मस्तक के बीचो-बीच में लगायें, ह्रदय के बीच में लगायें और नाभि में लगायें। ये उपाय निरन्तर कम से 1 वर्ष तक करने से आपका बृहस्पति ग्रह शुभ फल देने लगता है।
- स्मरण शक्ति के लिए-जिन बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है या फिर जो पढ़ते है वह शीघ्र ही भूल जाते है। ऐसे बच्चों को दूध में थोड़ी केसर डालकर दूध पिलाने से लाभ मिलता है।

तांत्रिक अभिकर्म समाप्त करने हेतु
यदि किसी के घर पर तांत्रिक क्रिया करवाई गई है तो उसे समाप्त करने के लिए। जावित्री, गायत्री व केसर लाकर उनको कूट कर धूप बना लेें। फिर उस धूप को सुबह-शाम घर में 21 दिन जलायें तथा अगर, तगर व गोरोचन थोड़ी मात्रा में लेकर उन्हें लाल वस्त्र में बाॅधकर पूजा के स्थान में रखें। शिव कृपा से तमाम टोने-टोटके का असर आपके घर से समाप्त हो जायेगा और घर में खुशहाली का माहौल हो जायेगा।













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