हाथों की उंगलियां बयां करती हैं स्वभाव से जुड़ी हर गहराई
लखनऊ। उंगलियां लम्बी होती है अथवा छोटी, हथेली की लम्बाई से उनका कोई सम्बन्ध नहीं होता है। उंगलियों का सम्बन्ध हमारे हाथ से बहुत गहरा होता है, हर उंगली का अपना अलग-अलग महत्व है।
चलिए जानते है कि क्या कहती है आपके हाथ की उंगलियां.........
- लम्बी उंगलियों वाले लोगों में हर चीज विस्तार से जानने की इच्छा होती है। चाहे वह कमरों की सजवाट हो या फिर नौकरों के प्रति किया जाने वाला व्यवहार। देश की व्यवस्था हो या किसी का चित्र बनाना। वे अपने वस्त्रों की सजावट के बारें में काफी सतर्क रहते है। वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते है व कभी-कभी स्नेह की भावना के प्रति झुक जाते है।
- छोटी उंगलियों वाले व्यक्तियों में जल्दबाजी एवं आवेशात्मक प्रवृति देखने को मिलती है। ये लोग छोटी-छोटी बातों से परेशान नहीं होते है। वे प्रत्येक चीज को बड़ी सजहता से लेते है एवं निर्णय लेने में अत्यन्त जल्दबाजी भी करते है। वे दिखावे की चिन्ता नहीं करते है और न ही समाज की परिपाटियों की ही चिन्ता करते है। वे सोंचने में शीघ्रता करने वाले तथा बातचीत में स्पष्टवादी होते है।

हाथों की उंगलियां बयां करती हैं हर राज
- यदि उंगलियां तनी हुई, अन्दर की ओर मुड़ी हों अथवा साधारण रूप में संकुचित हो तो ऐसे व्यक्ति अत्यन्त सावधान रहने वाले तथा अल्पभाषी होते है। ऐसे लोग कायर नहीं होते है।
- अगर उंगलियां लचीली तथा पीछे की ओर झुकी हुई हो तो ऐसे लोगों का स्वभाव समाज में पसन्द किया जाता है। वे आकर्षक तथा चालाक होते है। साथ ही जिज्ञासु तथा खोजी स्वभाव के भी होते है।
- यदि एक खराब हाथ पर उंगलियां टेढ़ी-मेढ़ी एवं विकृत रूप वाली हों तो ऐसे व्यक्ति कपटी तथा विकृत स्वभाव के होते है। ऐसी ही उंगलियां अगर किसी अच्छी आकृति वाले हाथ में हो तो ऐसे व्यक्ति हास्यपद एवं देखते ही गुस्सा दिलाने वाले होते है।

यदि उंगलियां जड़ो में मोटी हो तो...
- यदि उंगलियों के अग्रभाग के भीतरी भाग में मांस की गोल गद्दी जैसी हो तो ऐसे व्यक्ति अत्यन्त संवेदनशील होते है तथा दूसरों को कष्ट पहुंचाने में डरते भी है।
- यदि उंगलियां जड़ो में मोटी तथा गुदगुदी हों तो ऐसा व्यक्ति दूसरों के आराम से अधिक अपने आराम एवं सुख-सुविधा की इच्छा करता है। इसके विपरीत यदि अॅगुलियाॅ जड़ में कमर जैसे पतले आकार वाली हों तो वे उस व्यक्ति के निःस्वार्थ स्वभाव का परिचय देती है। ऐसे लोग मन पसन्द भोजन के शौकीन होते है।
- यदि उंगलियां को चैड़ाने पर प्रथम एवं द्वितीय अॅगुली के मध्य में अधिक स्थान दिखाई दे तो यह यह विचारों की स्वतंत्रता का द्योतक होता है। यदि ऐसा स्थान तीसरी और चैथी अॅगुली के बीच में हो तो यह कार्य की स्वतंत्रता का परिचायक होता है।
- उंगलियों की एक-दूसरे के अपेक्षाकृत छोटाई-बड़ाई-कुछ हाथों में प्रथम उंगली बहुत छोटी होती है। और कुछ में वह दूसरी उंगुली के बराबर लम्बी होती है।
- जब प्रथम उंगली यानि तर्जनी अत्यधिक लम्बी हो तो ऐसे व्यक्ति घमण्डी, शासन करने वाले एवं प्रभुत्व जमाने वाले होते है। ऐसी उंगली पादरियों अथवा राजनेताओं के हाथ में पाई जाती है। ये व्यक्ति स्वयं नियम-निर्माता होते है।
- जब यह तर्जनी उंगली असाधरण रूप से लम्बी अथवा मध्यमा के बराबर लम्बी हो तो व्यक्ति में घमण्ड का दिखावा होता है तथा प्रभुत्व की प्रबल आकांक्षा होती है। वह एक व्यक्ति तथा एक सिद्धान्त को मानने वाला होता है। नेपोलियन इसका जीता-जागता उदाहरण है।
- यदि दूसरी उंगली यानि मध्यमा चैकोर व भारी हो तो ऐसे लोग अधिक विचारशील एवं एक प्रकार से विकृत-स्वभाव की द्योतक होती है।
- जब तीसरी उंगली जिसे अनामिका कहा जाता है, वह तर्जनी से लम्बी हो तो ऐसे व्यक्ति अपनी कलात्मक प्रवृत्ति के द्वारा धन एवं प्रतिष्ठा प्राप्त करने के महत्वाकांक्षी होते है। उनमें प्रसिद्ध पाने की उत्कृष्ट सम्भावना रहती है।
- यदि छोटी उंगली अर्थात कनिष्ठका अच्छे आकार की एंव लम्बी होती है और वह हाथ में अंगूठे से सन्तुलन स्थापित करती हो तो ऐसे व्यक्ति अन्य लोगों को प्रभावित करने में सफल होते है।

प्रथम उंगली बहुत छोटी होती है तो...













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