Surya-Ketu Milan: 18 साल बाद सूर्य-केतु का महामिलन, इन राशियों पर जमकर बरसेगी लक्ष्मी
Surya-Ketu Milan: सूर्य देव इस महीने कन्या राशि में गोचर करेंगे। केतु पहले से ही कन्या राशि में हैं। ऐसे में कन्या राशि में केतु और सूर्य की युति होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह युति करीब 18 साल बाद होने जा रहा है। सूर्य ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि केतु मोक्ष का।
जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि में मिलते हैं, तो इसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग ढंग से पड़ता है।सूर्य और केतु का संयोग आत्म-विश्लेषण की ओर प्रेरित करेगा तो वहीं ये आंतरिक बदलाव और गहरे आध्यात्मिक अनुभव भी लेकर आएगा।

आपको बता दें कि 16 सितंबर को सूर्य देव रात करीब 8 बजे सिंह राशि से निकलकर बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। फिर 17 अक्टूबर को सुबह करीब 8 बजे राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में सूर्य और केतु की युति पूरे एक महीने तक रहेगी। इससे तीन राशियों पर चमत्कारिक असर होगा।
आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन सी है वो राशियां...
तुला: वित्तीय लाभ और आध्यात्मिक विकास
तुला राशि के लिए सूर्य बारहवें भाव में गोचर करेगा। यह गोचर सूर्य देव की विशेष कृपा लेकर आएगा। आर्थिक रूप से, धन कमाने के नए अवसर मिलने से चीजें बेहतर हो सकती हैं। इस अवधि में आपको नई चीजें सीखने और अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका भी मिलेगा। आध्यात्मिकता में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। साथ ही, आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे आपको अपने लक्ष्य और सपने पूरे करने में मदद मिलेगी।
वृश्चिक: लंबित कार्यों का पूरा होना
वृश्चिक राशि में सूर्य ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा, जो केतु के साथ युति बनाएगा। यह संरेखण वृश्चिक राशि वालों के लिए लंबे समय से लंबित कार्यों को पूरा करने में मदद कर सकता है। आध्यात्मिकता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा, जिससे धार्मिक आयोजनों और तीर्थयात्राओं में भाग लिया जा सकेगा। वित्तीय रूप से, आप लंबे समय से अटके हुए पैसे वापस पा सकते हैं या कर्ज चुका सकते हैं, साथ ही कार्यस्थल पर संभावित लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। भाई-बहनों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का भी मौका मिलेगा।
मकर: भाग्य और सफलता
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य और केतु की युति नवम भाव में हो रही है। इससे मकर राशि वालों को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन इस दौरान वापस मिल सकता है। आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ने से समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार के सदस्यों के साथ धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं।
खास बातें
सूर्य केतु की युति विकास और समृद्धि का मानक है। इस चरण के दौरान लोग पदोन्नति और नए अवसरों की उम्मीद कर सकते हैं। यह अवधि सिर्फ़ पेशेवर विकास के बारे में ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत विकास के बारे में भी है और इसलिए ये युति बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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