सकारात्मक ऊर्जा और आकर्षण प्रभाव में वृद्धि करता है स्फटिक

नई दिल्ली। स्फटिक का नाम लगभग सभी ने सुना होगा, लेकिन स्फटिक के चमत्कारिक गुणों के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। स्फटिक एक ऐसा चमकदार पत्थर है जो कांच के समान पारदर्शी होता है। इसे कांचमणि, बिल्लौर, क्रिस्टल और क्वार्ट्ज भी कहा जाता है। स्फटिक हीरे का उपरत्न होता है और शुक्र के लिए धारण किया जाता है। शुक्र की महादशा होने पर जो लोग हीरा नहीं पहन सकते वे स्फटिक धारण करते हैं। कई लोग इससे बने ब्रेसलेट, माला, पेंडेंट आदि धारण करते हैं। इसके मोतियों से बनी माला का उपयोग मंत्र जप में किया जाता है। स्फटिक से बने शिवलिंग और श्रीयंत्र की पूजा सर्वसिद्धिदायक मानी गई है। स्फटिक से बनी बॉल को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा में कई गुना वृद्धि होती है। आइए जानते हैं स्फटिक के चमत्कारिक गुण कौन-कौन से हैं और इसके क्या लाभ हैं।

स्फटिक के लाभ:

स्फटिक के लाभ:

- स्फटिक जैसे ही किसी सजीव प्राणी, पेड़-पौधे, जीव-जंतु, वस्तु या वातावरण के संपर्क में आता है, वैसे ही उसकी ऊर्जा में सामान्य से कई गुना अधिक वृद्धि कर देता है।

- स्फटिक प्राण शक्ति कई गुना बढ़ा देता है। यदि किसी मनुष्य ने इसे धारण किया हुआ है तो उसकी प्राण ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। रोगी इसे धारण कर ले तो उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने लगता है। संक्रामक, त्वचा एवं अन्य प्रकार के रोगों से रक्षा करता है।
- स्फटिक धारण करने वाले के आसपास नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती। यदि है तो वह दूर हो जाती है। स्फटिक से व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा में जबर्दस्त तरीके से वृद्धि होती है और उसका ऑरा ठीक होता है। विदेशों ने स्फटिक के इस चमत्कारिक गुण को सराहा है।

व्यक्ति के सातों चक्रों को जाग्रत करता है स्फटिक

व्यक्ति के सातों चक्रों को जाग्रत करता है स्फटिक

- स्फटिक व्यक्ति के सातों चक्रों को जाग्रत कर उन्हें संतुलित करता है। इससे चक्र सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति को प्रदान करते हैं।
- जिन लोगों को अत्यधिक क्रोध आता है। बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं उन्हें स्फटिक जरूर पहनाना चाहिए। स्फटिक अपने शीतल स्वभाव के कारण गुस्से को तो नियंत्रित करता ही है, इसके कारण मन और भावनाओं का आवेग शांत होता है।
- स्फटिक हानिकारक विकिरणों से सुरक्षा प्रदान करता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर, टीवी जैसे उपकरणों से निकलने वाले विकिरणों को भी स्फटिक सोख लेता है।

वास्तुदोष दूर करता है स्फटिक:

वास्तुदोष दूर करता है स्फटिक:

- स्फटिक का उपयोग वास्तुदोष दूर करने में भी किया जाता है। इसे घर, ऑफिस, दुकान आदि कहीं भी रख दें वहां की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता ही है। लेकिन ध्यान रहे इसे कभी भी उत्तर दिशा में नहीं रखना चाहिए। क्योंकि यह पृथ्वी तत्व है और उत्तर दिशा जल तत्व वाली दिशा है। इसके लिए उत्तम दिशा मै दक्षिण-पश्चिम।

- जिस कमरे में बैठकर आप भोजन करते हैं वहां स्फटिक बॉल जरूर रखें। इससे भोजन करते समय मन-मस्तिष्क शांत होता है और भोजन का पूरा पोषण व्यक्ति के शरीर को मिलता है।
- यदि आपका बेडरूम अंग्रेजी के एल शेप में हो तो यह बहुत बड़ा वास्तुदोष होता है। इसे दूर करने के लिए रूम में स्फटिक बॉल रखें।
- यदि किसी कमरे में सूर्य की रोशनी जरूरत से ज्यादा आती हो तो वहां स्फटिक बॉल को कमरे की खिड़की पर टांग दें।
- घर का दक्षिण-पूर्व स्थान धन क्षेत्र कहलाता है। इस भाग में गोल्डन स्टैंड पर स्फटिक बॉल रखें।

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