• search

Surya Grahan 2018: ग्रहण को लेकर देश-दुनिया में हैं ये मान्यताएं

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    Solar Eclipse

    नई दिल्ली। आज साल का तीसरा सूर्य ग्रहण है जो कई देशों में देखा जा सकेगा। इस सूर्य ग्रहण भारत के लोग नहीं देख पाएंगे, लेकिन हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार किसी भी ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। जहां सूर्य ग्रहण को लेकर कुछ मान्यताएं हैं, तो वहीं कई मिथक और अंधविश्वास भी हैं और ये सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई देशों में हैं। इस सूर्य ग्रहण को लेकर भी कई अंधविश्वास और मिथक देखने को मिल रहे हैं। जानिए सूर्य ग्रहण को लेकर क्या-क्या हैं मान्यताएं-

    राहू और केतु से है जुड़ा है ग्रहण?

    राहू और केतु से है जुड़ा है ग्रहण?

    हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार राहू और उसका अलग शरीर, जिसे केतू के नाम से जाना जाता है, दोनों वक्त-वक्त पर सूर्य और चंद्रमा को निगल लिया करते हैं। कथा के अनुसार, समुद्र मंथन में जब अमृत निकला तब उसे पीकर राहू भी अमर होना चाहता था। अमृत केवल देवताओं के लिए था, इसलिए राहू देवता का भेष बनाकर सूर्य और चंद्रमा के बीच बैठ गया ताकि अमृत की कुछ बूंदें उसे भी मिल जाएं। सूर्य और चंद्रमा ने राहू की शिकायत विष्णु से कर दी और इससे पहले की अमृत राहू गले से नीचे उतर पाता, विष्णु ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद से राहू का सिर और धड़ सूर्य और चंद्रमा का पीछा करते हैं।

    ये भी पढ़ें:Solar eclipse 2018: सूर्य ग्रहण और शनिअमावस्या साथ-साथ इसलिए रखें इस बात का ख्याल

    वियतनाम और ग्रीक की है ये कहानी!

    वियतनाम और ग्रीक की है ये कहानी!

    * जहां भारत में सूर्य और चंद्र ग्रहण को लेकर ये मान्यताएं हैं, तो वहीं वियतनाम में इसे लेकर अलग ही बातें कही जाती हैं। वियतनाम में लोगों का मानना है कि सूर्य ग्रहण इसलिए होता है क्योंकि एक बड़ा मेंढक उसे निगल लेता है।

    * प्राचीन काल में, ग्रीक के लोगों का मानना था कि सूर्य ग्रहण नाराज देवताओं का संकेत था और यह आपदा और विनाश की शुरुआत थी।

    * अफ्रीका में पूर्वोत्तर टोगो के बाटाम्मालिबा लोग मानते हैं कि सूर्य और चंद्रमा ग्रहण के दौरान लड़ाई करते हैं।

    ग्रहण को लेकर हैं कई मिथक भी

    ग्रहण को लेकर हैं कई मिथक भी

    जहां सूर्य और चंद्र ग्रहण को लेकर ये कहानियां प्रचलित हैं, तो वहीं उससे जुड़े कुछ मिथक भी हैं।

    * सूर्य ग्रहण को इसिलए अशुभ माना जाता है क्योंकि सूर्य पर छाया पड़ती है, जिससे यह सब कुछ बुराई के लिए एक ओमेन बना देता है।

    * बहुत से लोग बुरी ताकतों से खुद को बचाने के लिए प्रार्थना और जाप जैसी धार्मिक गतिविधियों में लग जाते हैं।

    ये भी पढ़ें: Surya Grahan 2018: आज साल का तीसरा सूर्य ग्रहण, जानिए खास बातें

    गर्भवती महिलाओं के लिए कहा जाता है हानिकारक

    गर्भवती महिलाओं के लिए कहा जाता है हानिकारक

    * कई लोगों को लगता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान स्नान करने से उनपर बुराई का प्रभाव नबीं पड़ेगा। माना जाता है कि गंगा में डुबकी लेना या इसका पानी खुदपर छिड़कना बुरी बलों के प्रभाव को कम करता है।

    * सूर्य ग्रहण के दौरान खाना भी नहीं पकाया जाता। सूर्य की रौशनी कम होने के कारण कहा जाता है कि इससे खाने में बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। इसलिए बचा हुआ खाना भी ग्रहण से पहले खत्म कर लिया जाता है।

    * गर्भवती महिलाओं के लिए भी सूर्य ग्रहण हानिकारक माना जाता है। इन महिलाओं को बुरी ताकतों के प्रति अधिक संवेदनशील माना जाता है। भारत के कुछ हिस्सों में उन्हें पैरों को क्रॉस कर के बैठने की भी अनुमति नहीं होती है।

    खाना पकाने और सोने से भी बचते हैं लोग

    खाना पकाने और सोने से भी बचते हैं लोग

    * सूर्य ग्रहण के दौरान लोग सोने, यौन संबंध और टॉयलेट जाने से भी बचते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो सूर्य ग्रहण के दौरान सोते हैं उन्हें बीमारियों हो सकती हैं, जबकि संभोग करने वाले लोग सूअरों के रूप में पुनर्जन्म ले सकते हैं।

    * कुछ जगहों पर यह भी माना जाता है कि सूर्य ग्रहण को देखा नहीं जा सकता है। माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को देखकर एक व्यक्ति ब्रह्मांड के साथ अपना संतुलन बिगाड़ सकता है, जिससे जीवन में बाद में समस्याएं आती हैं।

    ये भी पढ़ें:Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण आज, लगा सूतक काल, भूलकर भी ना करें ये काम

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Solar Eclipse 2018: Myths And Superstitions Around The World.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more