Shankhpushpi: शंखपुष्पी की जड़ खोलती है समृद्धि के द्वार
नई दिल्ली। शंखपुष्पी का नाम अधिकांश लोगों ने सुना होगा। आयुर्वेद में शंखपुष्पी के पौधे को याददाश्त बढ़ाने वाला माना गया है। इस पौधे के रस से याददाश्त बढ़ाने वाली कई औषधियां भी बनती हैं, लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि तांत्रिक ग्रंथों में शंखपुष्पी के पौधे को धन-समृद्धि बढ़ाने वाला कहा गया है। इस पौधे की जड़ को विशेष ग्रह योगों और नक्षत्रों में निकालकर प्रयोग किए जाएं तो जातक के घर में धन के ढेर लग जाते हैं। उसे भौतिक सुखों का कोई अभाव नहीं रह जाता है।
आइए जानते हैं शंखपुष्पी के पौधे की जड़ के क्या प्रयोग किए जा सकते हैं...

शंखपुष्पी
- किसी भी माह के शुक्ल पक्ष में जब गुरु पुष्य या रवि पुष्य नक्षत्र आए तक शंखपुष्पी के पौधे की जड़ को उससे अनुमति लेकर निकाल लाएं। घर में लाकर गंगाजल से धोकर केसर का तिलक करें और महालक्ष्मी के बीज मंत्र ऊं श्रीं का 11 माला कमलगट्टे की माला से जाप करके चांदी की डिबिया में भरकर तिजोरी में रखें। इस प्रयोग से कितनी भी गरीबी हो जल्द ही दूर हो जाती है और व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि की बहार आ जाती है।
- बिंदु 1 के अनुसार पूजा करने के बाद शंखपुष्पी की जड़ को चांदी के ताबीज में भरकर अपने गले में पहनें या दाहिनी भुजा में बांधने से व्यक्ति अपराजेय हो जाता है। वह जिस भी काम में हाथ डालता है उसमें सफलता मिलती है। तर्क और वाद-विवाद में ऐसे व्यक्ति को कोई पराजित नहीं कर सकता।

सम्मोहित-आकर्षित करने की शक्ति
- शंखपुष्पी की जड़ को घिसकर प्रतिदिन तिलक करने से जातक का व्यक्तित्व आकर्षक बनता है। उसमें लोगों को सम्मोहित-आकर्षित करने की शक्ति आ जाती है। ऐसा जातक हजारों लोगों की सभा को संबोधित करे तो सभी लोग ध्यान से उसकी बात सुनेंगे और उस पर अमल भी करेंगे। नेताओं, अभिनेताओं को यह प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
- शंखपुष्पी की जड़ को पूजा स्थान में रखकर नियमित रूप से पूजा करने से घर में धन की कभी कमी नहीं होती। आर्थिक संकटों से छुटकारा मिलता है।

'ऊं नम: शिवाय मंत्र' का 108 बार जाप
- गुरुवार के दिन शंखपुष्पी की जड़ के 108 टुकड़े करें और इन्हें हल्दी में अच्छे से लपेट लें। जड़ों का प्रत्येक हिस्सा हल्दी में अच्छे से रंग जाए। इस जड़ पर ऊं नम: शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करने के बाद मां पार्वती के चरणों में अर्पित कर दें। इससे विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं।
- विद्यार्थियों के लिए शंखपुष्पी की जड़ किसी चमत्कार से कम नहीं है। जो विद्यार्थी इसकी जड़ को अपने साथ लेकर परीक्षा देने जाते हैं उनके पेपर बहुत अच्छे जाते हैं और उन्हें परीक्षा में अच्छी सफलता मिलती है।
- इसे पास में रखने से मस्तिष्क उर्वर होता है। निर्णय क्षमता में सुधार होता है। मतिभ्रम की समस्या दूर हो जाती है।












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