Shani Sadhesati: मेष को लग गई साढ़ेसाती, मुसीबतों का लगेगा अंबार, जानिए अब क्या करें?

Shani Sadhesati:शनि के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही 29 मार्च 2025 से मेष राशि पर साढ़े सात साल के लिए शनि साढ़ेसाती शुरू हो गई है। मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला ढैया मस्तक पर प्रारंभ हुआ है। इसके दुष्प्रभावों के रूप में मानसिक कष्ट, शारीरिक कष्ट, परिवार से विमुखता, रोग, शत्रु संकट, धन हानि जैसे लक्षण देखने को मिलेंगे।

आज हम आपको बता रहे हैं शनि की शांति के कुछ ऐसे उपाय जो आपकी साढ़ेसाती को आनंद पूर्वक व्यतीत कर देने में मदद करेंगे।

Shani Sadhesati

बुजुर्गों की सेवा करें (ShaniSadhesati)

शनि को वृद्धावस्था का स्वामी कहा गया है। इसलिए मेष राशि के जिन जातकों के घर में माता-पिता, दादा-दादी या अन्य बुजुर्ग व्यक्ति हैं वे उनका सम्मान करें। उनके सुखों का ध्यान रखें। यदि घर में बुजुर्ग नहीं हैं तो किसी वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों की सेवा करें। उन्हें मिठाई खिलाएं। उनके रोगों का उपचार करवाएं।

दीन, दुखियों की सेवा करने से शनि प्रसन्न होते हैं

शनि को दरिद्रनारायण भी कहा गया है। गरीबों, दीन, दुखियों की सेवा करने से शनि प्रसन्न होते हैं। मंदिरों के बार बैठे हुए गरीबों, भिखारियों को प्रत्येक शनिवार को इमरती और नमकीन चावल खिलाएं। इससे शनि की पीड़ा नहीं होगी।

चने का भोग शनिदेव को लगाएं (ShaniSadhesati)

प्रत्येक शनिवार को उड़द की दाल के लड्डू और तले हुए चने का भोग शनिदेव को लगाकर इसका प्रसाद बांट दें। जितना अधिक प्रसाद बांटेंगे, उतनी अधिक पीड़ाएं आपसे दूर होती जाएंगी।

पूरे शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करें

प्रत्येक शनिवार को नहाने से पहले पूरे शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करें। इसके बाद शतपुष्पी, लोध, काले तिल, सौंफ, नागरमोथा, खिरैटी, खस, लोबान, सुरमा, गोंद, खिल्ला और तेल आदि को जल में मिलाकर स्नान करें। इनमें से जो भी सामग्री आसानी से मिल जाए उसे जल में मिलाकर स्नान करें। अन्यथा शनि शांति औषधि का चूर्ण पानी में मिलाकर स्नान करें।

शीशे पर शनि यंत्र का निर्माण करवाएं

जिस शनिवार को उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, चित्रा, स्वाति या विशाखा नक्षत्र हो उस दिन लोहे, शीशे या रांगे में से किसी एक पर शनि यंत्र का निर्माण करवाएं। बना हुआ शनि यंत्र भी मिल जाएगा। उसे लाकर घर में स्थापित करें और नित्य पूजन करें। इससे साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव कम होंगे।

आटा शक्कर डालने से शनि दुखी नहीं करते

घर के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर पंचमुखी हनुमान जी का चित्र लगाने से शनि की साढ़ेसाती और पीड़ा का प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्रत्येक शनिवार को किसी ऐसे स्थान पर भुने हुए आटे में शक्कर मिलाकर रखें जहां चींटियों न अपना घर बना रखा हो। उस जगह पर आटा शक्कर डालने से शनि दुखी नहीं करते।

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