Sawan 2018: सावन में नवग्रहों की शांति के लिए कैसे करें अभिषेक?
लखनऊ। शिव के प्रिय महीने सावन में लोग भगवान शिव को प्रसन्न करके अपनी-अपनी मन्नते पूरी करने में मशगूल रहते है। शिव का सावन से बहुत गहरा से सम्बन्ध है। हमारा देश कृषि प्रधान है, कृषि में सबसे महत्वपूर्ण वर्षा होती है और अगर सावन में वर्षा न हो तो कृषि का उत्पादन न के बराबर हो जाता है। रूद्र को अभिषेकप्रियः कहा गया है यानि उन्हे अभिषेक सबसे ज्यादा प्रिय है। इसलिए सावन के महीने में शिव का अभिषेक किया जाता है।
नवग्रह शाान्ति के लिए आप आप निम्न प्रकार से शिवलिंग का अभिषेक एंव की पूजा करें-

शिव को अभिषेक बहुत पसंद है...
सामान्यतः लोग जल से अभिषेक करते है और समृद्ध लोग दूध, शहद दही, आदि अनके द्रव्यों से अभिषेक करते है। मान्यता है कि श्रावण मास में शिव ने समुद्र मन्थन से उत्पन्न विष को जनकल्याण के लिए ग्रहण किया था, तब इन्द्र ने प्रसन्न होकर शीतलता प्रदान करने के लिए वर्षा ऋतु में वर्षा की थी, इसी कारण श्रावण मास में शिव जी को जल अर्पित करने की परम्परा शुरू हुयी। आईये हम आपको बताते है कि नवग्रहों की शान्ति के लिए शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें।
नवग्रह शाान्ति के लिए आप आप निम्न प्रकार से शिवलिंग का अभिषेक एंव की पूजा करें-

ऐसे करें शिवलिंग का अभिषेक...
- सूर्य- आक पुष्प एंव बिल्व पत्र से शिवलिंग की पूजा करें।
- चन्द्र- दूध में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें।
- मंगल- गिलोय बूटी के रस से अभिषेक करें।
- बुध- बिधारा की जड़ के रस से शिव जी का अभिषेक करें।
- गुरू- दूध में हल्दी मिलाकर अभिषेक करें।
- शुक्र- पंचामृत एंव शहद व घी से अभिषेक करें।
- शनि- गन्ने का रस व छाछ से शिव जी का अभिषेक करें।

दूध में हल्दी मिलाकर अभिषेक करें...
उपरोक्त प्रकार से शिव जी का अभिषेक एंव पूजन करने पर ग्रहो का अनुकूल फल मिलने लगता है।












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