कौन-सी बीमारी होगी आपको, हाथों की रेखाएं ये भी बताती हैं

हथेली में बनी रेखाओं के माध्यम से जाना जा सकता है कि व्यक्ति को कौन सा रोग जीवन में परेशानी देगा।

लखनऊ। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वह जीवनभर स्वस्थ रहे, कोई रोग उसे कभी न घेरे और जीवनपर्यन्त निरोगी रहकर सुख-ऐश्वर्य का भोग करता रहे। लेकिन ऐसा होता नहीं है। जल, अग्नि, वायु, आकाश और धरती से बने इस शरीर में रोग आते ही हैं और जब व्यक्ति बहुत अधिक बीमार रहने लगता है तो वह चिकित्सकों के पास जाता है।

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लेकिन कई लोग लाख इलाज कराने के बाद भी स्वस्थ नहीं हो पाते और कोई न कोई रोग उन्हें घेरे ही रहता है। तब वे इसका इलाज तलाशने ज्योतिषियों के पास जाते हैं। इसमें भी परेशानी तब आ जाती है जब व्यक्ति की कुंडली न हो। ऐसे में हस्तरेखा विज्ञान उसके समस्त रोगों की जानकारी देने में सक्षम है।

 रेखाओं के माध्यम से

रेखाओं के माध्यम से

हथेली में बनी रेखाओं के माध्यम से जाना जा सकता है कि व्यक्ति को कौन सा रोग जीवन में परेशानी देगा। सामुद्रिक शास्त्र के विद्वानों ने हथेली में ऐसे अनेक योगों की विस्तार से चर्चा की है जिनके होने पर व्यक्ति रोग ग्रस्त होता है।

वंशानुगत रोग

वंशानुगत रोग

  • वंशानुगत रोग: जातक का हाथ ध्यान से देखें। जीवनरेखा जिस स्थान से प्रारंभ हो रही है, उस स्थान पर यदि द्वीप का चिन्ह बना हुआ है तो व्यक्ति को वंशानुगत रोग होता है। यदि किसी के पिता, दादा या अन्य पूर्वजों को डायबिटीज है तो इस व्यक्ति को भी डायबिटीज होगी।
  • अविकसित शरीर: जीवनरेखा के बीच में से निकलकर कई शाखाएं नीचे की ओर जा रही हों और वे बीच-बीच में टूटी हुई हों तो व्यक्ति के शरीर का कोई न कोई भाव विकसित रहता है। यानी वह दिव्यांग होता है।
  • कैंसर: यदि किसी व्यक्ति के दोनों हाथों में मंगल रेखा पर शाखाएं निकली हुई हों या जीवन रेखा के प्रारंभ में तारे का चिन्ह हो तो व्यक्ति को कैंसर होता है।
  • मिर्गी रोग

    मिर्गी रोग

    • मिर्गी रोग: हृदय रेखा पर क्रॉस हो या स्वास्थ्य रेखा में अलग-अलग रंग दिखाई दे तो जातक को मिर्गी रोग होता है।
    • पक्षाघात: यदि हृदयरेखा तथा चंद्र परत पर दो खड़ी लंबी लाइनें हों तो व्यक्ति को लकवा होता है।
    • मस्तिष्क रोग: मस्तिष्क रेखा लहरदार या सीढ़ीदार हो तथा उसका झुकाव स्वास्थ्य रेखा की ओर हो या मस्तिष्क रेखा स्वास्थ्य रेखा से जुड़ी हुई हो या जुड़ने के स्थान पर रेखाओं का गुच्छा बन गया हो तो व्यक्ति मस्तिष्क रोगों से पीडि़त होता है।
    • अंधापन

      अंधापन

      • अंधापन: जीवनरेखा पर वृत्त हो या हृदय रेखा पर धब्बा हो। स्वास्थ्य रेखा पर क्रॉस हो तथा सूर्य रेखा के प्रारंभ में बड़ा काला धब्बा हो तो व्यक्ति नेत्ररोगों से पीडि़त होता है। ऐसा व्यक्ति अंधेपनन का शिकार होता है।
      • रक्त की कमी: हृदय रेखा चौड़ी और कमजोर हो तथा नाखूनों का रंग नीला हो तो एनीमिया होता है।
      • दो हृदयरेखा

        दो हृदयरेखा

        • हृदय रोग: यदि हथेली में दो हृदयरेखा हो और बीच-बीच में आपस में मिल जाती हों या हृदय रेखा शनि पर्वत पर चली जाए तो हृदय रोग, हार्ट अटैक, बीपी की परेशानी होती है।
        • गठिया: चंद्र पर्वत जरूरत से ज्यादा विकसित हो और पूर्व चंद्र पर्वत को कोई एक रेखा काटती हो और इससे चंद्र पर्वत दो भागांें में बंट जाए। या जीवनरेखा के अंतिम स्थन पर छोटी-छोटी रेखाओं का गुच्छा हो गठिया रोग होता है।

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