पितृ पक्ष 2017: इस बार 15 नहीं 14 दिन के रहेंगे श्राद्ध

By: पं. अनुज के शुक्ल
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। श्रद्धापूर्वक किये जाने वाले सभी कार्य जो पितरों के लिए किये जाते है, श्राद्ध कहलाते है। श्राद्ध को ही पितरों का यज्ञ कहते है। मनुष्य मात्र के लिए शास्त्रों में तीन ऋण विशेष बताये गये है।

  • देव ऋण 
  • ऋषि ऋण 
  • पितृ ऋण।

इनमें से श्राद्ध की क्रिया से पितरों का पितृ ऋण उतारा जाता है। विष्णु पुराण में कहा गया है कि श्राद्ध से तृप्त होकर पितृ ऋण समस्त कामनाओं को तृप्त करते है।

आईये जानते है कि इस वर्ष पितृ पक्ष कब से शुरू हो रहें है एंव श्राद्ध की दैनिक तिथियां कब-कब पड़ेगी

  • 7 सितम्बर से 20 सितम्बर तक इस वर्ष पितृ पक्ष रहेंगे।
  • 07 सितम्बर 2017 दिन गुरूवार प्रतिपदा श्राद्ध मनाया जायेगा।
  • 08 सितम्बर दिन शुक्रवार को द्वितीया श्राद्ध रहेगा।
  • 09 सितम्बर दिन शनिवार को तृतीया श्राद्ध रहेगा।
  • 10 सितम्बर दिन रविवार को चतुर्थी एंव पंचमी का श्राद्ध रहेगा।
  • 11 सितम्बर दिन सोमवार को षष्ठी श्राद्ध रहेगा।
  • 12 सितम्बर दिन मंगलवार को सप्तमी श्राद्ध रहेगा।
  • 13 सितम्बर दिन बुधवार को महालक्ष्मी व्रत, जीवत्पु़ित्रका व्रत एंव अष्टका श्राद्ध रहेगा।
  • 14 सितम्बर दिन गुरूवार को नवमी श्राद्ध, मातृ नवमी श्राद्ध। सौभाग्यवती महिलाओं का श्राद्ध आज ही करना चाहिए।
  • 15 सितम्बर दिन शुक्रवार को दशमी श्राद्ध रहेगा।
  • 16 सितम्बर दिन शनिवार को एकादशी श्राद्ध एंव इन्दिरा एकादशी व्रत भी रहेगा।
  • 17 सितम्बर दिन रविवार को द्वादशी श्राद्ध सन्यासियों, यति वैष्णवों का श्राद्ध मनाना चाहिए। आज के दिन प्रदोष व्रत भी रहेगा।
  • 18 सितम्बर दिन सोमवार को त्रयोदशी एंव मघा श्राद्ध रहेगा।
  • 19 सितम्बर दिन मंगलवार को चतुर्दशी का श्राद्ध एंव मास शिवरात्रि व्रत रहेगा।
  • 20 सितम्बर दिन बुधवार को स्नानदानश्राद्धिद की अमावस्या, पितृ विसर्जन, सर्वपैत्री महालया समाप्त एंव आज के दिन जिन लोगों की मृत्यु की तिथि नहीं ज्ञात है, उनका श्राद्ध मनाना चाहिए।
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pitru Paksha starts on September 7 and ends with Mahalaya Amavasya on September 20.
Please Wait while comments are loading...