Must Read: कैसे पहचाने असली मोती को?

असली मोती को गाय के घी में डालने पर सख्त घी थोड़ी देर में पिघल जाता है और नकली मोती में ऐसा नहीं होता है।

लखनऊ। मोती एक ऐसा रत्न है, जिसके बारें में लगभग सभी लोग परिचित है। माला, आभूषण, गले का हार आदि में मोतियों को लगाया जाता है और साथ में जिन्हें बहुत अधिक क्रोध आता हो या उनका चन्द्रमा कमजोर हो, उन्हें भी मोती पहनने की सलाह दी जाती है। चमत्कारिक असर दिखा सकते हैं पन्ने के उपरत्न...

शास्त्रों के अनुसार मोती आठ प्रकार के होते है-अभ्र मोती, शंख मोती, शुक्ति मोती, सर्प मोती, गज मोती, बॉस मोती, शूकर मोती और मीन मोती है।

असली मोतियों की दो किस्में

असली मोतियों की दो किस्में होती हैं। प्राकृतिक मोती जो घोंघे से मिलते है और कल्चर्ड मोती जिन्हें फार्म में तैयार किया जाता है। प्राकृति मोती और कल्चर्ड मोती के रंग, आकार, चमक और अन्य लक्षणों में फर्क हो सकता है। प्राकृतिक मोती कम मिलते है और उनकी कीमत भी अधिक होती है।

अगर आपको मोती रत्न धारण करना है तो असली और नकली की पहचान करना आवश्यक है...

  • असली मोती को गाय के घी में डालने पर सख्त घी थोड़ी देर में पिघल जाता है और नकली मोती में ऐसा नहीं होता है।
  • दो मोतियों को अपने अॅगूठे और तर्जनी ऊॅगली से पकड़े और अपने सामने के दॉतों के चबाने वाले किनारों के बीच दबायें। बॉयें से दॉये, और दायें से बॉयें रगड़ते हुये मोतियों को दॉतों के बीच घुमाते रहें। सामान्यतः असली मोती की बनावट थोड़ी खुरदरी या कुरकुरी सी होती है एंव इसकी उपरी सतह में थोड़ी खामियॉ होती है। शीशे या प्लास्टिक से बने नकली मोती लगभग पूर्ण प्रतीत होते है।
  • मोती एक प्राकृतिक उत्पाद है, इसलिए हर मोती लगभग दूसरे मोती से थोड़ा सा अलग प्रतीत होता है। अधिकतर मोती पूर्णरूप से गोल नहीं होते है बल्कि थोड़ा सा अण्डाकार होते है। असली मोती गोल होते है किन्तु इनका मिलना थोड़ा दुर्लभ होता है।
  • असली मोती की पहचान के लिए उन्हें अपने हाथों में ले और फिर देखें आप कैसा महसूस कर रहें है। असली मोती त्वचा के सम्पर्क में आने के बाद थोड़ी देर के लिए काफी ठण्डे महसूस होते है। दूसरी तरफ नकली मोतियों का तापमान लगभग कमरे के तापमान के बराबर होगा और वे बहुत तेजी से गर्म हो जायेंगे।
  • आप एक या दो मोतियों को अपने हाथ में लेकर उछालकर अनुमान लगायें कि उनका वनज कितना है। अधिकतर असली मोती बराबर आकार के नकली मोतियों की तुलना में कुछ अधिक वजनदार महसूस होंगे।
  • किसी कीमती पत्थर की आभा ही उसका गुण है। मोती की आभा ही उसकी खूबसूरती है। उत्तमकोटि के मोतियों को जब प्रकाश की किरणें छूती है तब उनसे विशुद्ध तेज प्रकाश निकलता है। अगर आप ध्यान से देंखे तो मोती की सतह पर आप-अपना प्रतिबिम्ब देख सकते है।
  • असली मोतियों में करीब-करीब हमेशा एक स्पष्ट बाहरी सतह होती है जबकि नकली मोतियों में पतली, कृत्रिम बाहरी परत हो सकती है या फिर कोई परत नहीं होती है। अगर आपके मोती में ड्रिल होल हो तो किसी मैग्नीफाइंग ग्लास से आप मोती के अन्दर देखें। सामान्यतः असली मोतियों में आप एक स्पष्ट रेखा देखेंगे जो बाहरी सतह को केन्द्र {मोती के अन्दरूनी भाग} से अलग कर रही होगी।

नोट-ध्यान रहें कि असली मोती के लिए सिर्फ एक परीक्षण करना पर्याप्त नहीं है, उसको परखने के लिए उपरोक्त बताये गये कई तरीके अपनाने चाहिए।

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