Nag Panchami 2020: नाग दोष, कालसर्प दोष, राहु से जुड़े दोषों को दूर करने का अचूक दिन
नई दिल्ली। क्या आपके जीवन में हर वक्त परेशानियां बनी रहती हैं? क्या आपके अच्छे भले काम चलते-चलते अटक जाते हैं? क्या आपके विवाह में रूकावट आ रही है? क्या आपको पैसों की तंगी बनी रहती है? क्या आपके परिवार में किसी न किसी को कोई रोग बना रहता है? क्या आय से अधिक खर्च हो रहा है? यदि ऐसा ही कुछ आपके साथ हो रहा है तो संभव है आपकी जन्मकुंडली में नाग दोष बना हुआ हो। यह कालसर्प दोष के प्रभाव से भी हो सकता है या फिर यह राहु के कारण हो सकता है। जन्म कुंडली में जब राहु पीड़ा दे रहा हो तो ऐसी अनेक परेशानियां व्यक्ति के जीवन में आती हैं। नागपंचमी एक ऐसा दिन है, जब आप ऐसी परेशानियों से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ दोष और नाग पंचमी के दिन उनके निवारण के उपाय के बारे में-

नाग दोष
जन्म कुंडली में राहु या केतु, चंद्र या शुक्र के साथ पहले घर में बैठे हों तो नाग दोष बनता है। इसे सर्प दोष भी कहते हैं। जिसकी कुंडली में यह दोष होता है, वह व्यक्ति हमेशा किसी ना किसी परेशानी से घिरा रहता है। उसकी तरक्की नहीं हो पाती। जिसकी कुंडली में यह दोष होता है उसका विवाह देरी से होता है या होता ही नहीं है। जब तक इस दोष का निवारण नहीं हो जाता, तब तक व्यक्ति जीवन में स्थायित्व प्राप्त नहीं कर पाता। वह भटकता रहता है। इस दोष को दूर करने के लिए नाग पंचती के दिन जातक पंच धातु से बनी अंगूठी धारण करे या चांदी की अंगूठी में मध्यमा अंगुली में गोमेद धारण करे। साथ ही नागपंचमी से प्रारंभ करके प्रत्येक सोमवार को शिवजी और सर्प का अभिषेक कच्चे दूध से करें।

कालसर्प दोष
जब जन्मकुंडली में राहु और केतु के बीच में अन्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। इस दोष का वर्णन ज्योतिष की प्राचीन पुस्तकों में नहीं मिलता है, लेकिन आधुनिक ज्योतिष इस दोष को महत्वपूर्ण मानता है। जिस जातक को कालसर्प दोष होता है, वह चाहे कितनी भी मेहनत कर ले, सकारात्मक परिणाम कम ही मिलता है। यह व्यक्ति को दौड़भाग बहुत करवाता है। विवाह में बाधा भी इसी दोष के कारण आती है। इस दोष का निवारण नागपंचमी के दिन करना चाहिए, जिससे अच्छे परिणाम मिलते हैं। इसके लिए कालसर्प दोष शंाति पूजा करवाकर। चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा बहते जल में प्रवाहित करें। किसी ऐसे शिवलिंग पर जहां पहले से नाग नहीं लगा हुआ हो, वहां पंच धातु का नाग लगवाएं। शिवजी का अभिषेक काले तिल से करें।

राहु से जुड़े दोष
राहु को भाग्य का कारक ग्रह भी माना जाता है। यदि कुंडली में राहु खराब अवस्था में है तो सीधे तौर पर व्यक्ति का भाग्य प्रभावित होता है। उसे तरक्की नहीं मिलती है। वह जो भी काम हाथ में लेता है उसमें असफलता मिलती है। इस दोष को दूर करने के लिए नागपंचमी के दिन घर में मोरपंख रखें। शेषनाग की पूजा करें। चांदी की सर्पाकार अंगूठी बनवाकर मध्यमा अंगुली में धारण करें। 42 बुधवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दाल का दान करें।












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