Mahapata Dosha: महापात दोष आज, 3 घंटे 55 मिनट न करें कोई शुभ काम वरना होगा बड़ा नुकसान
Mahapata Dosha: ज्योतिष शास्त्र में अनेक योगों और दोषों का वर्णन मिलता है। यह योग और दोष ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोजन से बनते हैं। जब ग्रहों और नक्षत्रों का संयोजन शुभ होता है तो इसे योग और जब यह संयोजन अशुभ होता है तो इसे दोष कहा जाता है। ऐसा ही एक दोष होता है महापात दोष, यह दोष 22 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से सायं 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
कुल 3 घंटे 55 मिनट की अवधि वाले इस दोष में कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ करना, शुभ यात्रा करना या शुभ खरीदी करना वर्जित बताया गया है। महापात दोष तब बनता है जब सूर्य और चंद्र एक ही अयन में 360 डिग्री पर और अलग-अलग अयन में 180 डिग्री पर होते हैं।

क्यों है अशुभ महापात दोष (Mahapata Dosha)
महापात दोष का जैसा नाम है महापात, पात अर्थात पाप, इसे महापाप दोष भी कहा जाता है। इस दोष में किए गए कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं होते हैं और उनमें कोई न कोई परेशानी बनी रहती है। इस दोष के समय यदि कोई भूमि, भवन, वाहन, संपत्ति, आभूषण, वस्त्र आदि खरीद लिए तो उनके कारण कष्टों का सामना करना पड़ता है।
इस दोष में यदि यात्रा प्रारंभ की तो यात्रा में कष्ट, दुर्घटना आदि होने का खतरा रहता है। इसलिए विद्वानों ने इस दोष को त्याज्य कहा है। अर्थात् इस दोष की अवधि में कोई विशिष्ट कार्य नहीं करना चाहिए।
महापात दोष से कैसे बचें (Mahapata Dosha)
महापात दोष में यदि कोई कार्य करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है तो उससे बचने के लिए शिवजी का दर्शन, पूजन करना चाहिए। उसके बाद कार्य प्रारंभ करना चाहिए। यदि किसी कार्य के लिए जाना है तो अपने पास बिल्वपत्र रखकर जाना चाहिए। रुद्राक्ष की माला पहनकर भी इस दोष के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
महापात दोष में बच्चा जन्मे तो (Mahapata Dosha)
बच्चे का जन्म होना टाला नहीं जा सकता है। जब ईश्वर ने उसके जन्म का समय तय किया है, उसी समय उसका जन्म होगा। ऐसे में महापात दोष आ जाए तो क्या करना चाहिए यह प्रश्न अक्सर लोग पूछते हैं। महापात दोष में बच्चे का जन्म हो तो उसके जन्म के दिन जो नक्षत्र हो वहीं नक्षत्र 27 दिन बाद जब जाए तो बच्चे की ग्रहशांति करवाई जाती है। इसके अलावा बच्चे के नाम से महामृत्युुंजय मंत्र के सवा लाख जाप भी करवाना चाहिए।












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