अगर आपकी कुंडली में सूर्य दोष है, तो ऐसे कीजिए दूर
लखनऊ। यदि आप सूर्य से पीड़ित हो, आपकी दशा-अन्तर दशा चल रही हो, या सूर्य छठें, आठवें व बारहवें भाव में स्थित हो या पाप ग्रहों से युत दृष्ट हो या किसी भी प्रकार से सूर्य कमजोर होकर कष्ट दे रहा हो तो चलिए जानते है कि किन उपायों को करने से सूर्य अच्छा फल देने लगता है।
निम्न उपायों में से किये गये उपाय कारगर सिद्ध होंगे-
- बन्दरों को गुड़ खिलायें या फिर गुड़, तांबा, गेंहूं, लाल वस्त्र, लाल कपड़ा आदि का दान करने से लाभ होता है।
- भूरे रंग की चीटियों के आगे सात अनाज का मिश्रण डालने से भी सूर्य बलवान होता है।
- किसी कार्य के लिए जाते समय घर से गुड़ खाकर निकलने से सूर्य की शुभता के कारण कार्य में सफलता मिलती है।
- भोजन के पूर्व आचमन करें, भोजन हेतु थाली से सभी चीजें थोड़ी-थोड़ी निकालकर अग्नि को समर्पित करें।

सूर्य की अनुकूलता के उपाय
- तांबे के सात टुकड़े, जिनका साइज चार गुना चार हो, उन्हें लेकर जमीन में दबा देने से भी सूर्य बलवान हो जाता है।
- बगैर सींग की गाय को गेंहूॅ की रोी व गुड़ खिलाने से लाभ होता है।
- बेल की जड़ को अभिमंत्रित करके ताॅबे के ताबीज में डालकर पहनने से सूर्य बलवान होता है।
- रविवार को छुईमुई या मंजिष्ठ वनस्पति को नहाने के जल में डालकर स्नान करने से फायदा होता है।
- यदि दूसरे भाव में सूर्य पीड़ित है तो कोई वस्तु किसी से मुफत में लें। भाई की पत्नी, माता, बहनों को कष्ट हो तो नारियल, बादाम तेल धर्म स्थान में दें।

शुभ फल
- यदि तीसरे भाव में सूर्य हो तो चांदी के आभूषण या कोई और वस्तु न खरीदें। रात को चीनी, चावल व दूध सिरहाने रखें और सुबह उसे गरीबों को बाॅट दें।
- चतुर्थ भाव में अगर सूर्य कमजोर है तो अॅधे व लूले को भोजन कराने से लाभ होता है।
- पंचम भाव में सूर्य अनिष्टकारक हो तो रविवार से प्रातःकाल सूर्य नमस्कार करके एक तांबे के बर्तन में पानी लेकर उसमें गुड़ या शहद डालकर थोड़ा-थोड़ा करके दूसरे दिन पीयें। यह क्रिया लगातार 43 दिन तक करने से सूर्य की अशुभता दूर होकर शुभ फल मिलने लगता है।
- छठें भाव में सूर्य अनिष्ट होकर अशुभ फल दे रहा है तो बन्दरों को गुड़-चने खिलायें व चीटियों को बाॅजरे में गुड़ मिलकार खिलायें।
- सप्तम भाव अथवा तुला में स्थित सूर्य दाम्प्त्य सुख, व्यापार आदि के क्षेत्र में बाधक होता है। रात्रि के समय आग को दूध से बुझायें तथा मुॅह में शहद डालकर उपर से पानी पी लें।
- सप्तम भाव का सूर्य अशुभ फल दे रहा है तो नमक कम से कम खायें, जिद्दी स्वभाव सुधारें व रात्रि में अग्नि को दूध बुझायें।
- अष्टम भाव का सूर्य अशुभ फल दे रहा है तो सफेद रंग की गाय की सेवा करें।
- नवम भाव का सूर्य अनिष्टकारी साबित हो रहा है तो रसोई में पीतल के बर्तन का अधिक उपयोग करें।
- यदि सूर्य दशम भाव में अथवा मकर राशि में शनि, राहु या केतु द्वारा पीड़ित हो तो राज्य सम्बन्धी बाधा आती है, ह्रदय रोग व अजीविका से सम्बन्धित समस्यायें आती है।
- एकादश भाव में सूर्य अशुभ फल दे रहा है तो शराब का सेंवन न करें व माॅस न खायें।
- द्वादश भाव में सूर्य अगर अनिष्टकारी साबित हो रहा है तो आॅटा पीसने की चक्की या घर में हाथ की चक्की से पिसा आटा खायें।

सूर्य अनिष्ट होकर अशुभ फल दे रहा है तो...













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