खरमास 15 मार्च से, एक माह के लिए विवाह पर लगेगा प्रतिबंध
नई दिल्ली। सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशि धनु और मीन में प्रवेश करता है, तब-तब खरमास या मलमाल लग जाता है। समस्त शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति का साक्षी और शुद्ध होना आवश्यक है, किंतु सूर्य के बृहस्पति की राशि धनु और मीन में प्रवेश करने से बृहस्पति अस्त के समान फल देने लगता है इसलिए इस एक माह के अंतराल में शुभ कार्य, विशेषकर विवाह आदि पर प्रतिबंध लग जाता है।सूर्य 15 मार्च से मीन राशि में प्रवेश कर रहा है इसलिए एक माह के लिए खरमास प्रारंभ हो जाएगा। सूर्य 14 अप्रैल तक मीन राशि में ही रहेगा, इसलिए इस एक माह में विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन जैसे कार्य नहीं किए जाएंगे। 14 अप्रैल के बाद ही विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे।

खरमास में करें सूर्यदेव की आराधना
खरमास सूर्यदेव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माने गए हैं। इस एक माह में उन लोगों को सूर्य की विशेष उपासना अवश्य करना चाहिए जिनकी जन्मकुंडली में सूर्य खराब अवस्था में हो। सूर्य की महादशा-अंतर्दशा चल रही हो तो उन्हें भी इस एक माह में प्रतिदिन सूर्योदय के समय उठकर स्नानादि से निवृत होकर सूर्यदेव को तांबे के कलश से जल का अर्घ्य देना चाहिए। इससे सूर्य से जुड़े दोष समाप्त होते हैं और जीवन में सुख-सम्मान, प्रतिष्ठा, पद आदि प्राप्त होते हैं। नौकरी में जिन लोगों को विशेष उपलब्धि या प्रमोशन नहीं मिल पा रहा हो उन्हें इस माह में प्रतिदिन आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
विवाह के मुहूर्त
खरमास 14 अप्रैल को समाप्त होगा। इसके बाद विवाह के मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। खरमास समाप्ति के बाद पहला विवाह मुहूर्त 15 अप्रैल को है। इसके बाद अप्रैल में ही 16, 17, 19, 20, 22, 26, 27, 28 को भी विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे।
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