Karva Chauth 2017: इस दिन आखिर क्यों करते हैं चंद्रमा की पूजा?
Recommended Video

Karva Chauth : करवाचौथ पर चांद की पूजा का महत्व | Why worship moon on Karva Chauth| Boldsky
नई दिल्ली। 8 अक्टूबर को करवा-चौथ है, जिसके लिए महिलाएं अभी से ही तैयारियों में जुट गई हैं। पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाने वाला करवाचौथ व्रत चंद्रमा को अर्ध्य देने के बाद ही समाप्त होता है।

लेकिन क्या कभी आपने ये समझने की कोशिश की आखिर क्यों करवाचौथ में चंद्रमा की पूजा होती है, अगर नहीं तो चलिए जानते हैं...
- छांदोग्योपनिषद् के मुताबिक चंद्रमा पुरुष रूपी ब्रह्मा का रूप है जिसकी उपासना करने से मनुष्यय के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।
- चंद्रमा को लंबी आयु का वरदान मिला है जिसके पास रूप, शीतलता और प्रेम और प्रसिद्धि है इसलिए सुहागिन स्त्रियां चंद्रमा की पूजा करती हैं जिससे ये सारे गुण उनके पति में भी आ जाए।
- चंद्रमा शांति प्रदान करता है और मानसिक शांति से संबंध मजबूत होते हैं।
- चंद्रमा शिव जी की जटा का गहना है इसलिए दीर्घायु का भी प्रतीक हैइसलिए संबंधों की मजबूती तथा पति की दीर्घायु की कामना को लेकर ही व्रत का समापन चंद्रदर्शन के साथ होता है।
- रूप, शीतलता और प्रेम और लंबी आयु वाले पति की कामना हर लड़की करती है इसलिए भारत में कुंवारी लड़कियां भी अपने अच्छे पति की कामना में ये व्रत रखती हैं।
- Read Also: Karva Chauth 2017: आखिर चांद के बिना क्यों अधूरा है करवा-चौथ?












Click it and Unblock the Notifications