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Karva Chauth 2017: आखिर चांद के बिना क्यों अधूरा है करवा-चौथ का व्रत?

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    नई दिल्ली। 8 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत है, इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्ध्य देकर पानी पीती हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर चंद्रमा की ही पूजा इस दिन क्यों होती है , जबकि चंद्रमा को चतुर्थी के दिन निहारना अच्छा नहीं माना जाता है, तो सुनिए इसके पीछे एक खास कहानी है।

    क्या है कारण

    गोस्वामी तुलसी दास रचित रामचरितमानस के लंका कांड में इस प्रसंग का जिक्र है, जिसके मुताबिक भगवान श्रीराम समुद्र पार करके जब लंका में स्थित सुबेल पर्वत पर उतरे और श्रीराम ने पूर्व दिशा की ओर चमकते हुए चंद्रमा को देखा तो अपने साथियों से पूछा - चंद्रमा में जो कालापन है, वह क्या है? सभी ने अपनी-अपनी बुद्धि के अनुसार जवाब दिया।

    विष यानी जहर चंद्रमा का बहुत प्यारा भाई

    विष यानी जहर चंद्रमा का बहुत प्यारा भाई

    तब भगवान श्रीराम ने कहा- विष यानी जहर चंद्रमा का बहुत प्यारा भाई है और इसीकारण उसने विष को अपने ह्रदय में स्थान दे रखा है, जिसके कारण चंद्रमा में कालापन दिखाई देता है। अपनी विषयुक्त किरणों को फैलाकर वह वियोगी नर-नारियों को जलाता रहता है।

    चतुर्थी वाले दिन होती है पूजा

    चतुर्थी वाले दिन होती है पूजा

    कहने का तात्पर्य ये है कि जो पति-पत्नी किसी कारणवश एक-दूसरे से बिछड़ जाते हैं, चंद्रमा की विषयुक्त किरणें उन्हें अधिक कष्ट पहुंचाती हैं। इसलिए करवा चौथ के दिन चंद्रमा की पूजा कर महिलाएं ये कामना करती हैं कि किसी भी कारण उन्हें अपने अपने पति से अलग ना होना पड़े और इसी वजह से वो चतुर्थी वाले दिन उसकी पूजा करती हैं।

    मिलता है कलंक

    मिलता है कलंक

    कहते हैं कि चतुर्थी के दिन चंद्रमा को नहीं निहारना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से इंसान पाप का भागीदार बनता है औऱ उस पर कलंक लग जाता है।

     गणेश आराधना से शुरुआत

    गणेश आराधना से शुरुआत

    इसलिए पूजा करते समय सबसे पहले विघ्नहर्ता गणेश जी की स्तुति की जाती है । उनके लिए पीले रंग का आसन बनाए और लड्डू का भोग लगाया जाता है और उनका ध्यान किया जाता है।

    चंद्रमा को अर्घ्‍य

    चंद्रमा को अर्घ्‍य

    उसके बाद सुहागिनें चंद्रमा को अर्घ्‍य देती हैं और उसकी परछाई जल में देखती हैं और इसके बाद उन्‍होंने गणेश जी की आरती करके सारे कष्ट दूर करने की प्रार्थना करती हैं और पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं।

    Karva Chauth 2017: जानिए इस व्रत में क्या करें और क्या ना करें...

    Karva Chauth 2017: जानिए इस व्रत में क्या करें और क्या ना करें...

    पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ 8 अक्टूबर को है

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    English summary
    On Karwa Chauth day, the women keep fast and at moon rise time go to the roof to worship the moon for the long life of their husbands.

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