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समस्त सुखों की प्राप्ति के लिए कीजिए पारद शिवलिंग की पूजा

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। पारे को प्राकृतिक रूप से प्रबल ऊर्जा प्रदान करने वाला रासायनिक तत्व कहा गया है। यह भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। पारे से बने शिवलिंग को समस्त प्रकार की वस्तुओं से बने शिवलिंगों में सर्वश्रेष्ठ कहा गया है और इसकी पूजा सर्वमनोकामना पूर्ण करने वाली कही गई है। मूलत: पारा तरल रूप में पाया जाता है, लेकिन इसमें स्वर्ण, तांबा के साथ अन्य धातुएं और जड़ी-बूटियां मिलाकर इसे ठोस रूप दिया जाता है। वैदिक ग्रंथों में पारे को संसार के समस्त राग, द्वेष, विकार का विनाशक माना गया है। जो लोग अध्यात्म की राह पर चलना चाहते हैं, उनके लिए पारद शिवलिंग की पूजा अवश्य करना चाहिए। समस्त प्रकार के सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए भी पारद शिवलिंग की पूजा की जाती है।

आइए जानते हैं जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के लिए पारद शिवलिंग की पूजा किस तरह की जाती है।

यदि आपमें आत्मविश्वास की कमी है...

यदि आपमें आत्मविश्वास की कमी है...

यदि आपमें आत्मविश्वास की कमी है। सार्वजनिक रूप से खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते हैं, लोग आपको दब्बू की संज्ञा देते हैं तो आपको नियमित रूप से पारद शिवलिंग की पूजा करना चाहिए। इससे मस्तिष्क को उर्वरता प्राप्त होती है। वाक सिद्धि प्राप्त होती है। हजारों लोगों को अपनी वाणी से सम्मोहित करने की क्षमता आ जाती है।

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए

  • लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए पारद के शिवलिंग की विशेष तौर पर पूजा की जाती है। आर्थिक संकटों से मुक्ति के लिए किसी भी माह में प्रदोष के दिन पारद के शिवलिंग की षोडशोपचार पूजा करके शिव महिम्नस्तोत्र से अभिषेक करें। फिर हर दिन पूजन करते रहें, कुछ ही समय में आर्थिक स्थिति ठीक होने लगती है। कर्ज मुक्ति होती है।
  • पारे से बने गणेश और लक्ष्मी की नियमित पूजा करने से अकूत धन संपदा का स्वामी बना जा सकता है। इससे सिद्धि-बुद्धि के साथ स्वर्ण की प्राप्ति होती है।
  • पारा समस्त रोगों की दवा के रूप में भी काम करता है

    पारा समस्त रोगों की दवा के रूप में भी काम करता है

    • पारा समस्त रोगों की दवा के रूप में भी काम करता है। खासकर डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों में पारे की माला पहनने की सलाह दी जाती है। लेकिन पहले किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से सलाह अवश्य लें।
    • जिस घर में पारद से बनी कोई भी सामग्री जैसे शिवलिंग, पारद माला, पारद का कोई पात्र आदि मौजूद हो वहां नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती। परिवार में अशांति हो, सदस्यों के बीच मतभेद हों, लड़ाई-झगड़े हों वे पारद के किसी पात्र में गंगाजल भरकर घर के ईशान कोण या घर के मध्य में रखें। इस जल को प्रतिदिन रात में रखें और प्रात: किसी गमले में डाल दें। इससे घर में शांति होती है।
    • पद, प्रतिष्ठा, सम्मान प्राप्ति के लिए पारद और रूद्राक्ष की माला

      पद, प्रतिष्ठा, सम्मान प्राप्ति के लिए पारद और रूद्राक्ष की माला

      • पारद के दानों के साथ रूद्राक्ष का संयोग और भी प्रभावी हो जाता है। पारद और रूद्राक्ष के दानों की माला धारण करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।
      • पद, प्रतिष्ठा, सम्मान प्राप्ति के लिए पारद और रूद्राक्ष की माला धारण करना चाहिए।

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English summary
According to Parad granth(sacred book) a mere touch of this parad shivlingam, will bestow on the worshiper the goodness of Shiv pooja in all the three worlds (triloka).
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