How to get Siddhis: 5 प्रकार की होती हैं क्षुद सिद्धियां, जानिए क्या है महत्व?
नई दिल्ली, 11 जून। तंत्र शास्त्रों में अनेक प्रकार की सिद्धियों का वर्णन मिलता है। इनमें से एक क्षुद्र सिद्धियां भी होती हैं। क्षुद्र सिद्धियां पांच प्रकार की होती हैं। आज के युग में इनका बड़ा महत्व बताया गया है।

- त्रिकालज्ञता : इस सिद्धि के माध्यम से किसी भी देश के व्यक्ति का भूत, भविष्य और वर्तमान जाना जा सकता है।
- अद्वंद्वता : सर्दी, गर्मी, वर्षा आदि विभिन्न ऋतुओं को अपने अनुकूल बनाना या अपने रहने के स्थान के चारों ओर एक सा मौसम बनाए रखना इसी सिद्धि के द्वारा संभव है।
- परचित्ताज्ञभिज्ञता : दूसरों के मन का हाल जान लेना या उसके मन में उठते हुए विचारों को पकड़ लेने की क्षमता प्राप्त करने की साधना को परचित्ताज्ञभिज्ञता के नाम से जाना जाता है।
- प्रतिष्टम्भ : शरीर पर जहर, आग, वायु, सूर्य का ताप आदि का कोई असर न होना इस सिद्धि से संभव है।
- अपराजय : वाद-विवाद, युद्ध आदि में सर्वदा अपराजित रहकर विजय प्राप्त करना इसी साधना के माध्यम से संभव है।
कैसे प्राप्त कर सकते हैं सिद्धियां
सिद्धियां दो प्रकार से प्राप्त की जा सकती है। गुरु के सान्निध्य में रहकर या शक्तिपात के माध्यम से। गुरु के सान्निध्य में रहकर, उनकी आज्ञा का अक्षरश: पालन करके उनके आदेशानुसार साधना में प्रवृत्त होकर सिद्धि प्राप्त की जा सकती है। दूसरा तरीका यह है किजब गुरु कृपा हो तो वह सिद्धि रूप गुरु शक्तिपात के द्वारा बिना साधना के शिष्य को सिद्ध बना देते हैं।












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