इस गणेश चतुर्थी पर गणपति की करें कुछ खास ढंग से पूजा, संवर जाएगा जीवन
नई दिल्ली। सिद्धि, बुद्धि, ज्ञान, विवेक, समृद्धि और शिक्षा प्रदान करने वाले भगवान श्री गणेश हमारे प्रथम पूज्य देव हैं। इनकी भक्ति से जीवन के समस्त कष्टों का निवारण करती है। किसी भी रूप में गणेश की पूजा की जाए तो वह शुभ परिणाम ही देती है।
यहां शास्त्रों में व्यक्त भगवान श्री गणेश के कुछ मंत्र दे रहा हूं जो जीवन के समस्त कष्टों का निवारण करने में चमत्कारि रूप से असर दिखाते हैं। आगामी गणेश चतुर्थी यानी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से दस दिनों तक इस मंत्रों का जाप करें आपके कार्य शीघ्र पूर्ण होंगे।

सभी समस्याओं के निवारण के लिए
भगवान श्री गणेश का यह मंत्र सात्विक मंत्र है। अर्थात् इस मंत्र का प्रयोग किसी को हानि पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए। वरना मंत्र जप करने वाला का ही उल्टा नुकसान हो जाता है। इस मंत्र को जीवन की समस्त समस्याओं के निवारण के लिए प्रतिदिन 108 बार जपना चाहिए।
ऊँ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्याणि सर्वविघ्नप्रशमनाय
सर्वराज्यवशीकरणाय श्री ऊँ स्वाहा।।
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समस्त बाधाएं समाप्त करने के लिए
जब समस्त कार्यों में बाधा आने लगे। ऐसा लगे कि चलते काम अटक रहे हैं और जीवन में प्रत्येक कार्य होते-होते रूक जाए तब इस मंत्र का प्रतिदिन एक माला जाप स्फटिक की माला से करें।
ऊँ विघ्नेश्वराय नमः

सर्वत्र विजय के लिए
जीवन में अक्सर हमारे सामने ऐसी स्थितियां आती हैं जब हम खुद को हताश और निराश महसूस करते हैं। यदि आप सच्चे हैं और बेवजह किसी मामले में फंसे हुए हैं या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है तो प्रति बुधवार को गणेश प्रतिमा के सामने बैठकर इस मंत्र का एक माला जाप करें।
ऊँ गणजयाय नमः

खूबसूरती और आकर्षक व्यक्तित्व के लिए
भीतरी और बाहरी खूबसूरती निखारने के लिए भगवान श्री गणेश के इस मंत्र का कोई तोड़ नहीं। जो स्त्री-पुरुष अपने व्यक्तित्व में निखार लाना चाहते हैं। अपने बोलचाल के तरीके से लोगों को आकर्षित करना चाहते हैं या जो अपने चेहरे पर तेज लाना चाहते हैं उन्हें इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
ऊँ सर्वांगसुंदराय नमः

मानसिक शांति के लिए
सिद्धि-बुद्धि और विवेक के दाता भगवान श्री गणेश की भक्ति और पूजा मानसिक शांति प्रदान करती है। जीवन से निराश हो चुके लोगों को गणेश की भक्ति राहत प्रदान करती है। यह मंत्र दिखने में अत्यंत छोटा और साधारण है लेकिन इसका प्रभाव सर्वत्र विख्यात है। इस मंत्र को जपने के लिए कहीं बैठना आवश्यक नहीं है। मानसिक रूप से आप इसका जाप कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं।
श्री गजानन जय गजानन












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