वक्री गुरू की चाल का यूं हो रहा है हम पर असर, रहें थोड़ा सतर्क
लखनऊ। देव गुरू बृहस्पति 23 अप्रैल दिन मंगलवार से वक्री हो गया है, जो 10 अगस्त तक रहेगा उसके पश्चात गुरू पुनः मार्गी हो जायेगा। बृहस्पति ग्रह ज्योतिष में शुभ ग्रहों की श्रेणी में आता है। जब कोई शुभ ग्रह वक्री होकर आकाश में गोचर करता है, तो वह अपनी शुभता छोड़कर अशुभ फल देने लगता है।
चलिए जानते है कि वक्री बृहस्पति का द्वादश राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा..

खर्चो की वजह से आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है
- मेष- खर्चो की वजह से आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है। सोंच-समझकर लिये गये निर्णय ही सफल होंगे। स्वास्थ के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। छात्रों का पढ़ाई से मन हटेगा।
- वृष- आय की अपेक्षा व्यय बने रहने की सम्भावना है। नयें विषय का अध्ययन करने में मन लगेगा। रोजी व रोजगार से जुड़े लोगों को कुछ राहत मिलेगी। कुछ लोगों को पेट से सम्बन्धित दिक्कत हो सकती है।
- मिथुन- कैरियर व प्रेम सम्बन्धों के लिए गुरू की यह चाल अच्छी साबित होगी। नौकरी वाले लोगों के कार्यो की प्रशंसा होगी। नियमबद्ध तरीके से किये गये सम्पन्न होंगे। जीवन साथी से तालमेल अच्छा बना रहेगा।
- कर्क- इस राशि वालों का गुरू छठें एंव नौवें भाव का स्वामी है। जिस कारण शारीरिक स्वास्थ्य में शिथिलिता आयेगा। बदलते मौसम का प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालेगा। किये गये कार्यो से लाभ मिलेगा। भाग्य पक्ष में मजबूती आयेगी।

पंचमेश व अष्टमेश
- सिंह- पंचमेश व अष्टमेश होकर बृहस्पति द्वादश भाव में बैठा है। इस समय कुछ लोग ऐसा कार्य भी कर सकते है। जिसका बाद में पछतावा होगा। अतः विवेक का प्रयोग करके ही निर्णय लें। वाहन आदि के प्रयोग में सावधानी बरतें।
- कन्या- गुरू की चाल बदलने से आपकी इच्छायें अधूरी रहेंगी। कार्यों में अड़चने आयेगी। धन के मामलें में स्थितियाॅ बेहतर होगा। रूके हुये धन की प्राप्ति भी हो सकती है। कुछ लोगों को स्थान परिवर्तन भी करना पड़ सकता है।
- तुला- इस राशि वालों को कठिन परिश्रम के बाद ही सफलता के अवसर दिख रहें। परिवार में छोटी-मोटी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। विरोधियों को नजरअंदाज न करके मुंह-तोड़ जवाब देने की जरूरत है।
- वृश्चिक- इस राशि वालों के लिए गुरू की बदली हुयी चाल अच्छा संकेत दे रही है। आर्थिक स्थिति में पहले की अपेक्षा मजबूती आयेगी। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा। मन का रूझान आध्यात्मिक पक्ष की अग्रसर होगा। स्वास्थ्य पर संकट आ सकता है।
- धनु- इस राशि वालों के लिए वकी्र गुरू स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतें पैदा करेगा। वाहन आदि की गति पर नियन्त्रण रखना होगा वरना छोटी-मोटी दुर्घटना घट सकती है। माता से तनाव भी होने की आशंका है।
- मकर- तीसरे एंव बारहवें का मालिक गुरू खर्चे में वृद्धि करायेगा। छोटी-मोटी यात्राओं में बाधायें डालेगा। पराक्रम व साहस में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ मनोरंजन करने के अवसर प्राप्त होंगे।
- कुम्भ- इस राशि वालें कुछ लोगों को किसी कारणवश कर्ज लेना पड़ सकता है। मित्रों का लगभग हर क्षेत्र में सहयोग बना रहेगा। इस समय वाणी पर नियन्त्रण रखना होगा अन्यथा किसी से विवाद भी हो सकता है।
- मीन- पहले एंव दशवें भाव का मालिक गुरू इस समय पाचवें भाव में कर्क का होकर गोचर कर रहा है। कैरियर व व्यवसाय के लिए गुरू की यह चाल शुभ रहेगी। पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नयें लोगों से जान-पहचान बढ़ेगी।













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