धन हानि, दुर्घटना और बुरे दिनों से बचाता है दुर्गा बीसा यंत्र

नई दिल्ली। हिंदू धर्म शास्त्रों में बड़े पैमाने पर यंत्र विद्या का जिक्र मिलता है। ग्रंथों में तंत्र, मंत्र और यंत्र, इन तीनों मार्गों को जीवन सुखमय बनाने का मार्ग बताया गया है। इनमें से आम लोग तंत्र से दूर ही रहना पसंद करते हैं और मंत्र सिद्ध करना आसान नहीं है। ऐसे में तीसरा मार्ग बचता है यंत्र। यंत्र कुछ विशेष प्रकार की ज्यामितिय आकृतियों का संयोजन होता है, जिसे किसी देवी या देवता विशेष के लिए बनाया जाता है। शास्त्रों में यंत्रों को साक्षात देवी-देवता का स्वरूप कहा गया है। शास्त्रों में मंत्र को देवी-देवताओं की आत्मा कहा गया है तो यंत्र को उनका शरीर। यह बात इस मंत्र से सिद्ध हो जाती है 'यंत्र देवानां गृहम्" अर्थात यंत्र देवताओं का निवास स्थान है।

दुर्गा बीसा यंत्र

दुर्गा बीसा यंत्र

यंत्र की पूजा करने से समस्त प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में अनेक प्रकार के यंत्र बताए गए हैं, जो विभिन्न् कामनाओं की पूर्ति के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं। उन्हीं में से एक यंत्र है दुर्गा बीसा यंत्र। यह एक ऐसा चमत्कारिक मंत्र है जिसमें स्वयं देवी दुर्गा निवास करती है। शास्त्रों का कथन है कि सिद्ध किया हुआ दुर्गा बीसा यंत्र अपने पास रखने से धन की हानि नहीं होती है। दुर्घटना से बचाव होता है। शत्रुओं का नाश होता है और समस्त प्रकार के बुरे दिनों से रक्षा होती है। नवरात्रि में इस यंत्र की पूजा का विशेष महत्व है। इसे सिद्ध करने के लिए नवरात्रि सबसे अच्छा समय माना गया है।

क्या होता है दुर्गा बीसा यंत्र

क्या होता है दुर्गा बीसा यंत्र

दुर्गा बीसा यंत्र एक त्रिकोण की तरह होता है जिसमें एक केंद्र और उसके आसपास नौ त्रिकोण खाने होते हैं। इनकी जमावट इस तरह होती है कि यह एक त्रिकोण की तरह नजर आता है। इससे अलग-अलग खानों में 1 से 9 तक के अंक लिखे होते हैं और केंद्र में 'दुं" लिखा होता है। यंत्र के तीन ओर 'ऊं दुं दुं दुं दुर्गायै नम:" मंत्र लिखा होता है। मार्केट में यह तांबे, अष्टधातु, चांदी, सोना, क्रिस्टल आदि धातुओं से बना हुआ मिलता है। घर में इसे बनाने के लिए भोजपत्र पर अनार की कलम और अष्टगंध की स्याही से लिखा जाता है। इसके बाद इसका षोडशोपचार पूजन करके दुर्गा सप्तशती के श्लोकों से सिद्ध किया जाता है। 'ऊं दुं दुं दुं दुर्गायै नम:" मंत्र की एक माला से सिद्ध किया जाता है। सिद्ध होने के बाद इसे चांदी के ताबीज में भरकर अपनी दाहिनी भुजा में बांधें या गले में पहनें। इसे चांदी की डिबिया में रखकर तिजोरी में भी रखा जा सकता है।

दुर्गा बीसा यंत्र के लाभ

दुर्गा बीसा यंत्र के लाभ

  • यह सिद्ध यंत्र जिसके पास होता है, स्वयं मां दुर्गा समस्त संकटों से उसकी रक्षा करती है।
  • इस यंत्र के प्रभाव से कभी धन हानि नहीं होती।
  • दुर्गा बीसा यंत्र को धन प्रदायक माना गया है। इससे लक्ष्मी की अनुकूलता प्राप्त होती है।
  • दुर्गा बीसा यंत्र साथ में होने से शत्रु हावी नहीं हो पाते। शत्रु शांत होते हैं। उनसे रक्षा होती है।
  • दुर्घटना में रक्षा होती है। दुर्गा बीसा यंत्र को अपने वाहन में लगाने से दुर्घटना में मृत्यु नहीं होती।
  • बुरी नजर, जादूटोना, काला जादू आदि का प्रभाव शून्य हो जाता है।

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