Palmistry: आपके हाथ की लकीरें देती हैं असमय मृत्यु का संकेत?

नई दिल्ली। अक्सर हम सुनते हैं कि फलां की असमय मृत्यु हो गई या फलां के अभी जाने का वक्त नहीं था। क्या आप जानते हैं मनुष्य की हथेलियों में कुछ ऐसी रेखाएं होती हैं जिनसे पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति की मृत्यु किस समय में और किस अवस्था में होगी। व्यक्ति पूर्ण आयु जीएगा या असमय मृत्यु के मुंह में समा जाएगा। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जीवन रेखा से मनुष्य के जीवन के बारे में जानकारी हासिल की जाती है, लेकिन इसके अलावा इससे आकर मिलने वाली, इससे निकलने वाली और कुछ संकेत-चिन्ह ऐसे होते हैं जो मृत्यु का राज उजागर कर देते हैं।

तीन रेखाएं मुख्य रूप से दिखाई देती हैं।

तीन रेखाएं मुख्य रूप से दिखाई देती हैं।

हथेली में सामान्यत: तीन रेखाएं मुख्य रूप से दिखाई देती हैं। ये तीन रेखाएं जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा है। इनमें से जो रेखा अंगूठे के ठीक नीचे शुक्र पर्वत को घेरे रहती है, वही जीवन रेखा कहलाती है। यह रेखा तर्जनी अंगुली के नीचे स्थित गुरु पर्वत के पास से प्रारंभ होकर हथेली के नीचे मणिबंध की ओर जाती है। सामान्य नियम के अनुसार छोटी जीवन रेखा कम उम्र और लंबी जीवन रेखा लंबी उम्र की ओर इशारा करती है।

आइए जानते हैं असमय मृत्यु के कुछ संकेत

आइए जानते हैं असमय मृत्यु के कुछ संकेत

  • हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार लंबी, गहरी, पतली और निर्दोष जीवन रेखा शुभ होती है। जीवन रेखा पर क्रॉस का चिह्न अशुभ होता है। यदि जीवन रेखा शुभ है तो व्यक्ति की आयु लंबी होती है और उसका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
  • यदि दोनों हाथों में जीवन रेखा टूटी हुई हो, तो व्यक्ति को असमय मृत्यु या मृत्यु के समान कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।
  • यदि एक हाथ में जीवन रेखा टूटी हो और दूसरे हाथ में यह रेखा ठीक हो, साथ ही जीवन रेखा के अंत में लाल या काला धब्बे जैसा निशान हो तो यह अकाल मृत्यु का संकेत है।
  • यदि जीवन रेखा अंत में दो भागों में विभाजित हो गई हो तो व्यक्ति की मृत्यु जन्म स्थान से दूर होती है।
  • यदि दोनों हाथों में जीवन रेखा बहुत छोटी हो तो वह व्यक्ति अल्पायु होता है।
गंभीर बीमारी के भी मिलते हैं संकेत

गंभीर बीमारी के भी मिलते हैं संकेत

  • जीवन रेखा जहां-जहां श्रृंखलाकार होती है, उस आयु में व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो सकता है और उसकी मृत्यु भी बीमारी से होती है।
  • यदि जीवन रेखा प्रारंभ से ही जंजीरदार हो और उसके ठीक मध्य में बड़ा नक्षत्र या तारे का चिन्ह हो तो आयु के उस भाग में व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना में होती है।
  • जीवन रेखा पर एक से अधिक तिल होना शुभ नहीं माना जाता। इससे व्यक्ति को बार-बार गंभीर रोग होने की आशंका रहती है। ऐसे व्यक्ति की मृत्यु किडनी रोग से होती है।
  • शुक्र पर्वत से कोई रेखा निकलकर जीवन रेखा को जिस स्थान पर काटे, उस आयु में व्यक्ति की मृत्यु यौन रोगों के कारण होती है।
  • चंद्र पर्वत से निकलकर कोई रेखा जीवन रेखा से मिले और चंद्र पर्वत पर डबल क्रॉस का चिन्ह हो तो व्यक्ति की मृत्यु जल में डूबने से होती है।

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