अपनी जन्म तारीख से जानिए बीमारी और बचाव के उपाय
नई दिल्ली। अच्छा स्वास्थ्य और लंबी आयु पाना हर कोई चाहता है, लेकिन कई लोग जन्म के साथ ही ऐसी-ऐसी बीमारियों से घिर जाते हैं जिनका उपचार या तो असंभव होता है या लंबे समय तक चलता रहता है। अच्छा स्वास्थ्य पाने में अंक ज्योतिष आपकी मदद कर सकता है। अंक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक अंक के साथ एक ग्रह जुड़ा होता है। जिसके अनुसार व्यक्ति को रोग होते हैं। उसी अंक में उन रोगों से बचने के उपाय भी छुपे होते हैं। आइए जानते हैं किस जन्म तारीख के व्यक्ति को कौन-कौन से रोग होने की आशंका होती है और उनसे बचने के लिए क्या उपाय किए जाना चाहिए।

अंक 1 :
1, 10, 19 और 28 तारीखों में जिन स्त्री-पुरुषों का जन्म हुआ है उनका स्वामी ग्रह सूर्य होता है। ऐसे व्यक्ति स्वास्थ्य के मामले में बाकी लोगों से थोड़े लकी कहे जा सकते हैं क्योंकि इन्हें कभी कोई बड़ा गंभीर रोग नहीं होता है। फिर भी इन्हें हृदय रोग, कार्य की अधिकता से तनाव-थकान, आंखों की बीमारी, रक्त संचार से जुड़े रोग, ब्लड प्रेशर खासकर वृद्धावस्था में और सन स्ट्रोक जैसे रोग होने की आशंका रहती है।
बचाव : मूल अंक 1 वाले जातक इन रोगों से बचने के लिए अधिक तला हुआ भोजन ना करें। अधिक मात्रा में फलों का सेवन करना इनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा। खासकर तरबूज, खरबूज, नीबू पानी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

अंक 2 :
2, 11, 20 और 29 तारीखों में जिनका जन्म हुआ है उनका स्वामी ग्रह चंद्र है। इस अंक वाले लोगों को पेट और पाचन संबंधी परेशानियां घेरे रहती हैं। इन्हें रक्त की अशुद्धि और कमी की समस्या होती है। ये लोग किसी भी काम को लेकर अत्यधिक तनाव ले लेते हैं जिससे हमेशा नर्वस फील करते हैं। तनाव के कारण इन्हें नींद की कमी भी रहती है। दमा और श्वसन रोग होने की आशंका इन्हें रहती है। ये लोग संक्रामक रोगों की चपेट में भी जल्दी आते हैं।
बचाव : अंक ज्योतिष के अनुसार मूल अंक 2 वाले जातकों को नियमित रूप से अपनी बॉडी की मसाज करना चाहिए। सुबह के समय शहद में काली मिर्च पाउडर मिलाकर चाटें। चाय और कॉफी संतुलित मात्रा में लें। छाछ पीना इनके पेट के लिए लाभदायक रहेगा।

अंक 3 :
3, 12, 21 और 30 तारीखों में जन्मे लोगों का स्वामी ग्रह बृहस्पति होता है। इन लोगों को सीने और फेफड़ों से जुड़े रोगों की आशंका अधिक रहती है। गले में इंफेक्शन, त्वचा संबंधी रोग, आर्थ्राइटिस, डायबिटीज और पैरालिसिस होने की आश्ांका अधिक रहती है।
बचाव : इन रोगों से बचाव के लिए मूल अंक 3 वाले जातक लहसुन, अदरक, हींग और मैथी दाने का प्रयोग कम करें या बिलकुल ना करें। इनको नियमित तौर पर गाजर और सेब का ज्यूस लेना चाहिए। ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से रोगों में आराम मिलेगा। साथ ही दिमाग को शांत रखने वाला मधुर संगीत सुनें। इनके लिए मॉर्निंग वॉक शाकाहार अपनाएं।

अंक 4 :
4, 13, 22 और 31 तारीखों में जन्में लोगों का स्वामी ग्रह राहु है। ये लोग डिप्रेशन के शिकार ज्यादा देखे गए हैं। इन्हें श्वांस संबंधी रोग भी होते हैं। साथ ही यूरीन इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, खांसी और हृदय संबंधी रोग होने की आशंका ज्यादा रहती है। इन्हें कई ऐसे रोग भी होते हैं जो आसानी से पता नहीं चलते।
बचाव : मूल अंक 4 वाले जातक रोगों से बचाव के लिए मैथी दानों का प्रयोग खाने में जरूर करें। गाजर, चुकंदर और सेब का ज्यूस लेते रहें। इन्हें ग्रीन टी और ताजी हरी पत्तेदार सब्जियों और अंकुरित अनाज को अपनी रेगुलर डाइट में शामिल करना चाहिए। अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें। शकर का प्रयोग बेहद कम कर दें। इन्हें चांदी के गिलास में नियमित पानी पीना चाहिए।

अंक 5 :
5, 14 और 23 तारीखों में जिन लोगों का जन्म हुआ है उनका स्वामी ग्रह बुध है। इन्हें अत्यधिक मानसिक तनाव होता है, नर्वसनेस आती है। सर्दी-खांसी और बुखार के शिकार जल्दी हो जाते हैं। त्वचा संबंधी रोग घेरे रहते हैं। अनिद्रा और किडनी से जुड़े रोग होने की आशंका ज्यादा रहती है।
बचाव : इन रोगों से बचाव के लिए मूल अंक 5 वाले जातकों को नियमित रूप से मेडिटेशन और योग करना चाहिए। रातों में अधिक देर तक जागना बंद करें। मन में किसी तरह का डर है तो उसे दूर करें। गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम खाएं और संतरे-मौसंबी का ज्यूस लें।

अंक 6 :
6, 15 और 24 तारीखों में जन्में लोगों का स्वामी ग्रह शुक्र है। इन्हें गंभीर बुखार, वायरस संक्रमण, नाक गले फेफड़ों में संक्रमण, वृद्धावस्था में हृदय रोग होने की आशंका रहती है। इस अंक की महिलाओं को ब्रेस्ट से जुड़े रोग की आशंका रहती है।
बचाव : इन रोगों से बचाव के लिए मूल अंक 6 वाले जातकों को सलाह दी जाती है कि वे अत्यधिक कठोर शारीरिक श्रम वाले कार्य ना करें। इन लोगों को विवाहेत्तर संबंधों से बचाना चाहिए। हर दिन मॉर्निंग वॉक करने के साथ ही प्राणायाम प्रतिदिन करें। गहरे पानी में जाने से बचें।

अंक 7 :
7, 16 और 25 तारीखों में जन्में जातकों का स्वामी ग्रह होता है केतु। इन्हें इंफेक्शन, त्वचा रोग, अपचन, वृद्धावस्था में आर्थ्राइटिस और अनियमित ब्लड सर्कुलेशन संबंधी परेशानी आने की आशंका ज्यादा रहती है। ये लोग जरा-जरा सी बातों में बहुत डिस्टर्ब हो जाते हैं।
बचाव : रोगों से बचने के लिए मूल अंक 7 वाले जातक अपने आहार में विटामिन डी और ई रिच फूड शामिल करें। ताजे फलों का रस लेना इनके लिए फायदेमंद रहेगा। स्मोकिंग, एल्कोहल और ड्रग्स से बिलकुल दूर रहें। मानसिक तंदुरुस्ती के लिए सुबह के समय किसी झील, नदी या झरने के किनारे मधुर संगीत सुनते हुए टहलें। एक साथ अधिक कार्य ना करें।

अंक 8 :
8, 17 और 26 तारीखों में जिनका जन्म हुआ है उनका स्वामी ग्रह शनि है। इन लोगों को पैरालिसिस, पैरों दांतों और कानों के रोग, बार-बार सिरदर्द होना, लिवर और आंतों में इंफेक्शन, ब्लड प्रेशर और हार्ट प्रॉब्लम हो सकती है।
बचाव : रोगों से बचाव के लिए मूल अंक 8 वाले जातक सरसो के तेल की नियमित मालिश करें। आयरन और कैल्शियम रिच फूड अपनी डाइट में शामिल करें। फास्ट फूड और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों से दूर रहें। अपने आहार में दाल, अनाज और ताजे फलों के ज्यूस को शामिल करें। ड्रग्स, एल्कोहल ना लें। मॉर्निंग वॉक करें, शहर और छाछ इनके लिए वरदान है।

अंक 9 :
9, 18 और 27 तारीखों में जन्में लोगों का स्वामी ग्रह मंगल है। इन्हें बुखार बहुत आता है। हर तरह के बुखार से पीड़ित हो जाते हैं। मीजल्स, चिकन पॉक्स, स्मॉल पॉक्स, किडनी रेाग और गले और श्वसन नलिका संबंधी रोग होने की आशंका ज्यादा रहती है।
बचाव : रोगों से बचाव के लिए मूल अंक 9 वाले जातकों का सख्त हिदायत दी जाती है कि स्मोकिंग, शराब, ड्रग्स समेत हर तरह के नशे से दूर रहें। अधिक तेल, मिर्स, मसाले वाले फूड और अचार आदि का प्रयोग खाने में कम करें। गुस्सा और तनाव ना करें। लड़ाई-झगड़ों से बचें। जोर-जोर से चिल्लाकर किसी से झगड़ा तो बिलकुल ना करें।
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