Chand Grahan 2025: साल का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को, क्या भारत में दिखेगा? कितनी देर का सूतक काल?
Chand Grahan 2025: साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा 14 मार्च को लगने वाला है। यह ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने वाला है। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक भी मानने की आवश्यकता नहीं है किंतु फिर भी चूंकि ब्रह्मांड में एक खगोलीय घटना हो रही है तो इसका प्रभाव समस्त राशियों पर तो होगा ही।
मार्च में ही दूसरा ग्रहण भी लगेगा जो खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा और यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। वर्ष 2025 में कुल छह ग्रहण लगने वाले हैं। इनमें तीन चंद्र ग्रहण तथा तीन सूर्य ग्रहण होंगे।

इनमें से केवल 7-8 सितंबर को होने वाला चंद्र ग्रहण ही भारत में दिखाई देगा, अन्य कोई भारत में दृश्य नहीं होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जो ग्रहण दिखाई नहीं देते हैं, उनका सूतक भी मान्य नहीं होता है।
वर्ष 2025 का पहला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा (Chand Grahan 2025)
14 मार्च को खग्रास अर्थात पूर्ण चंद्र ग्रहण होने वाला है। यह वर्ष 2025 का पहला चंद्र ग्रहण रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह ग्रहण प्रात: 10 बजकर 39 मिनट पर प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर ग्रहण का मध्य रहेगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह ग्रस्तोदित दिखाई देगा। दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर ग्रहण का मोक्ष होगा।
कहां दिखाई देगा (Chand Grahan 2025)
यह ग्रहण अमेरिका, पश्चिम यूरोप, पश्चिम अफ्रीका, अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा।
मार्च में ही लगेगा दूसरा ग्रहण, यह सूर्यग्रहण होगा (Chand Grahan 2025)
इसी प्रकार 29 मार्च को आंशिक सूर्यग्रहण रहेगा। इसका प्रारंभ दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर होगा। यह ग्रहण अमेरिका, ग्रीनलैंड, आइस लैंड, यूरोप व उत्तर पश्चिम रशिया में दिखाई देगा। तीसरी खगोली घटना सात सितंबर को पूर्ण चंद्रग्रहण के रूप में होगी। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। रात नौ बजकर 56 मिनट पर चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी।
आखिरी ग्रहण 21 सितंबर को आंशिक सूर्यग्रहण (Chand Grahan 2025)
रात 11 बजकर 41 मिनट पर ग्रहण का मध्य तथा रात एक बजकर 26 मिनट पर ग्रहण का मोक्ष होगा। यह ग्रहण काफी लंबा है, इसकी अवधि तीन घंटा 30 मिनट की रहेगी। साल 2025 का आखिरी ग्रहण 21 सितंबर को आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में रहेगा।
इन बातों का रखें ख्याल ( Chand Grahan 2025)
जो ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, उसका सूतक भी मानने की आवश्यकता नहीं रहती है, किंतु फिर भी गर्भवती स्त्रियां प्रयास करें कि ग्रहण की अवधि में वे घर से बाहर न निकलें।












Click it and Unblock the Notifications