खराब शनि कर देता है सबकुछ बर्बाद, जानिए कैसे कर सकते हैं ठीक
नई दिल्ली, 28 अप्रैल। ग्रह परिषद में सबसे क्रूर ग्रह शनि को माना गया है। शनि से सभी लोग भयभीत भी रहते हैं। अगर किसी जातक की जन्मकुंडली में शनि खराब हो तो उसे कई बार बहुत बुरे परिणाम भुगतने पड़ते हैं। शनि खराब होने पर व्यक्ति अपने घर से बेघर हो सकता है, उसकी बनी-बनाई संपत्ति बिक जाती है। उस पर किसी तरह का मुकदमा हो जाता है, वह हमेशा विवादों में घिरा रहता है। यहां तक कि कोर्ट से उसे सजा भी मिल सकती है। मानसिक रूप से ऐसा व्यक्ति विक्षिप्त तक हो सकता है। दुर्घटनाएं उसके जीवन में बार-बार होती हैं। काम बहुत धीमी गति से और दौड़भाग के बाद होते हैं। काम पूरे करने में उसकी चप्पल तक घिस जाती है। तो आइए जानते हैं जन्मकुंडली के बारहों भावों में जिस-जिस भाव में शनि खराब होता है उसे ठीक करने के, शनि के दोष दूर करने के क्या उपाय हो सकते हैं।

पहले स्थान के खराब शनि के उपाय
- काला सुरमा श्मशान की भूमि में दबाएं।
- लोहे का सामान, पलंग, छाता आदि दान करें।
- सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर दान करें।
- बंदर पालकर उसकी सेवा करें। उन्हें गुड़-चने खिलाएं।
- बरगद के वृक्ष की जड़ में शनिवार को कच्चा दूध डालें और दूध से भीगी हुई मिट्टी का तिलक 43 दिन तक करें।
- प्रत्येक शनिवार को भैरव के दर्शन करें।
दूसरे स्थान के खराब शनि के उपाय
- आप जिस देवी या देवता को मानते हैं उसके दिन मंदिर नंगे पैर जाएं। यह उपाय 43 दिन करें।
- प्रत्येक शनिवार और सोमवार को सांप को दूध पिलाएं।
- पत्नी के हाथ से प्रत्येक सोमवार शिवजी का अभिषेक करें। अविवाहित हैं तो यह प्रयोग अपनी माता से करवाएं।
- गाय के दूध में चंदन घिसकर प्रतिदिन मस्तक पर तिलक लगाएं।
- सरसों का तेल सिर में न लगाएं।
तीसरे स्थान के खराब शनि के उपाय
- काले रंग का कुत्ता पालें और सेवा करें।
- घर की दहलीज के दोनों ओर लोहे के कीले गाड़ें।
- मांस, मदिरा, तामसिक पदार्थों का सेवन न करें।
- भानजे, साले और जीजी की सहायता करें।
- अपने मकान में एक कमरा ऐसा बनाएं जहां पूरा अंधेरा हो।
- नेत्र रोगियों की सेवा करें, उन्हें मुफ्त दवाइयां बांटें।
चौथे स्थान के खराब शनि के उपाय
- कुएं या बोरवेल में प्रत्येक श्ानिवार को सवा पाव कच्चा दूध डालें।
- विधवा स्त्रियों को सम्मान करें, उनकी सेवा करें।
- परस्त्रियों पर बुरी दृष्टि न रखें।
- शनिवार को अपनी पत्नी या पति के साथ सहवास न करें।
- प्रत्येक शनिवार और अमावस्या को सांप को दूध पिलाएं।
- कौवों को रोटी खिलाते रहें।
- बहते पानी में देसी शराब बहाएं।
- भैरव अनुष्ठान करें।
- रात में दूध न पीएं।
पांचवें स्थान के खराब शनि के उपाय
- अपने घर में एक अंधेरी कोठरी बनवारक उसमें सूर्य, मंगल और चंद्र यंत्र स्थापित करें।
- प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल चुपड़ी रोटी खिलाएं।
- नित्य कुछ मिनटों के लिए ध्यान लगाएं।
- अपनी संतान के जन्मदिन पर नमकीन बांटें।
- शनिवार को गरीबों को नमकीन चावल बनाकर खिलाएं।
- काले पत्थर के शिवलिंग का 43 दिनों तक अभिषेक करें।
- अपने घर के मुख्य द्वार का जितना क्षेत्रफल हो उसके दसवें भाग के बराबर बादाम विष्णु मंदिर में अर्पित करें।
छठे स्थान के खराब शनि के उपाय
- शनिवार के दिन एक मिट्टी के बर्तन में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना मुख देखें और कुएं, नदी या तालाब के किनारे जाकर गड्ढा खोदकर उसमें दबा दें।
- कृष्णपक्ष की अष्टमी से प्रारंभ करके लगातार 43 दिनों तक पत्नी या पति से भैरव अनुष्ठान करवाएं।
- गाय को हरी घास खिलाएं।
- बहते पानी में बादाम बहाएं।
सातवें स्थान के खराब शनि के उपाय
- काली गाय पालें और उसकी नित्य सेवा करें।
- मांस, मदिरा और परस्त्री-परपुरुष का सेवन न करें।
- अपने घर में प्रतिदिन झाड़ू-पोंछा, साफ-सफाई रखें।
- शहद से भरा बर्तन एकांत स्थान में जमीन में दबा आएं।
- बांस की टोकरी में मिश्री भरकर अमावस्या को श्मशान में जाकर दबा आएं।
आठवें स्थान के खराब शनि के उपाय
- सुबह के समय मिट्टी पर नंगे पैर चलें। कच्ची जमीन पर बैठकर स्नान करें।
- चांदी का चौकोर टुकड़ा अपने पास हमेशा रखें।
- 43 दिनों तक श्मशान से जल लाकर पति या पत्नी को स्नान करवाएं।
- भौहों के मध्य ध्यान लगाएं।
- सवा किलो उड़द सरसों के तेल से मलकर नदी में बहाएं।
नवम स्थान के खराब शनि के उपाय
- घर की छत को साफ-सुथरी रखें। घर में कोई कचरा, अटाला न रखें।
- शनिवार को बबूल के पेड़ की दातुन करें।
- 43 दिन तक पति या पत्नी के हाथों लक्ष्मी अनुष्ठान करवाएं।
- स्वयं की स्वच्छता का ध्यान रखें। फटे कपड़े-फटे जूते-चप्पल न पहनें।
दसवें स्थान के खराब शनि के उपाय
- मांस, मदिरा, परस्त्री-परपुरुष, तामसी पदार्थों का सेवन न करें।
- गणेशजी की आराधना करें। शनिवार को धूम्र गणेश का ध्यान करें।
- नेत्रहीनों की सेवा करें। शनिवार को उन्हें भोजन करवाएं।
- शनिवार को शनिदेव को नीले पुष्प अर्पित करें।
11वें स्थान के खराब शनि के उपाय
- संतरे खाएं, उसके छिलकों से दांत साफ करें।
- 43 दिन तक भैरव अनुष्ठान अपने जीवनसाथी से करवाएं।
- मांस-मदिरा का सेवन न करें।
- अमावस्या के दिन सुनसान जगह पर श्ाराब की बोतल दबाएं।
12वें स्थान के खराब शनि के उपाय
- काले कपड़े में 12 बादाम बांधकर उसे लोहे के पात्र में बंदकर किसी अंधेरे कोने में दबा दें।
- लकड़ी की एक छोटी पेटी लेकर उसमें नाव की कील रखकर अपने पास सुरक्षित रखें।
- मछलियों को आटे में काले तिल मिलाकर बनी गोलियां खिलाएं।
- एक मिट्टी के पात्र में सरसों का तेल भरकर एकांत जमीन में दबा आएं।












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