लाल रंग के वस्त्रों का लाभकारी उपयोग, जिन्हें जानना जरूरी है आपको
लखनऊ। आज से कई सौ वर्ष पूर्व, प्राकृतिक रंगों को ही रंगाई या छपाई के काम में लाया जाता है। हर रंग का अपना अलग-अगल महत्व होता है। वैसे तो मूलतः रंग सात होते है, किन्तु बाकी रंगों को इन्हीं सात रंगों में मिलाकर विभिन्न प्रकार के रंगों को तैयार किया जाता है। आज हम बात कर रहें लाल रंग का कपड़ा कैसे आपकी बहुत सारी समस्याओं का समाधाना कर सकता है।
देवी दोष को दूर करने के लिए-अगर किसी त्रुटिवश आप पर देवी का प्रकोप है तो इस दोष को दूर करने के लिए सवा मीटर लाल वस्त्र, एक सूखा नारियल, एक चांदी का सिक्का लाल वस्त्र में बांधकर घर में 21 बार घुमाकर पूजा स्थल में रखें और नियमित धूप-दीप देकर पूजन करने से देवी दोष समाप्त हो जाता है।

तांत्रिक अभिकर्म
यदि आपको ऐसा प्रतीत होता है कि आपके व्यवसाय स्थल पर किसी ने तांत्रिक क्रिया करा दी है तो व्यवसाय में पूर्ण-सफाई कर अगर-तगर व गोरोचन लाकर घर में लाल वस्त्र में बाॅधकर रख दें एवं सात दिन तक नियमित व्यापार स्थल पर जावित्री, केसर, गूगल का मिश्रित धूप दें। ऐसा करने से तांत्रिक प्रभाव समाप्त हो जाता है।

व्यापार व नौकरी में उन्नति हेतु
व्यवसाय में तरक्की या बाजार में पहचान बनाने या नौकरी में नियमित तरक्की पाने व बार-बार होने वाले तबादले से बचने हेतु। जब आप कोई नया कार्य प्रारम्भ करें तो ‘‘ऊॅ शनैश्चराय नमः'' मन्त्र को 21 बार पढ़ लें तथा शनिवार के दिन 2 लाल फूल, 250 ग्रा0 गुड़, एक लाल वस्त्र, 5 मोतीचूर के लड्डू, सिन्दूर, चाॅदी का वर्क व मीठा पान हनुमान जी को अर्पित करें। यह उपाय कम से कम 8 शनिवार करने से अवश्य लाभ मिलता है।

बरकत न हो तो
धन बराबर आये और साथ खर्चे भी बराबर लगे रहें यानि कोई बचत न होने से मन परेशान रहें। दीपावली या अमावस्या के शाम को किसी भी देवी के मन्दिर में दो अलग-अलग स्थानों पर सवा ग्राम रोली, सवा ग्राम सिन्दूर तथा सवा मीटर लाल कपड़ा, नारियल, छुआरा व 21 रूपये रखकर पूजन करें। पूजन के बाद एक स्थान की सामग्री मन्दिर में में अर्पित करें और दूसरें स्थान की सामग्री स्वयं लाकर एक लाल कपड़े में बांधकर अपने धन रखने वाले स्थान पर रखें और 21 दिन लगातार धूप-दीप जलाने से धर की बरक्कत होने लगती है।

अनावश्यक व्यय से बचने के लिए
- आप कमाते तो बहुत है लेकिन आपका पैसा दवाओं, ब्याज या अन्य फिजूल खर्चो में अधिक व्यय हो रहा है तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को स्फटिक का श्रीयंत्र लेकर पंचामृत से स्नान करा कर पूजा स्थान में रखें व रोली-मोली अर्पित करें तथा शुद्ध देशी घी का दीपक जलायें साथ में श्री सूक्त का एक पाठ रोज करें। गुलाब, लाल चन्दन के साथ लाल कपड़े में बाॅधकर तिजोरी में रख दें। प्रतिदिन पूजा के समय श्री सूक्त का पाठ करने से थोड़े समय में लक्ष्मी जी प्रसन्न हो सकती है। ये उपाय करने से आपके घर में व्यर्थ का अपव्यय होना कम हो जाता है।
- गर्भपात-मंगलवार को लाल कपड़ा लेकर उसमें नमक बाॅधें फिर हनुमान जी के मन्दिर में जाकर पोटली को हनुमान जी के पैरों में स्पर्श कराकर गर्भवती स्त्री अपने पेट में बाॅध लें। ऐसा करने से गर्भपात नहीं होता है।
- बच्चा दांत पीसता हो-अगर बच्चे के दाॅत निकल चुके हो लेकिन फिर भी बच्चा दाॅत पीसता हो तो सोमवार को लाल धागे में चारमुखी रूद्राक्ष डालकर गले में पहना दें।
- सूर्य व मंगल के अरिष्ट प्रभाव को दूर करने के लिए-यदि आपके सूर्य व मंगल नीच या पाप ग्रहों से दृष्ट होकर अशुभ फल दे रहें है तो लाल वस्त्र में थोड़े गेंहू, मसूर की दाल, गुलराब का पुष्प व ताॅबे का एक सिक्का रखकर। इन सभी वस्तुओं को लाल कपड़े में बाॅधकर हनुमान जी के मन्दिर में चढ़ाने से मंगल व सूर्य शुभ फल देने लगते है। यह उपाय लगातार 43 दिन तक करना होगा।












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