Astrological Remedies: अगर विवाह में आ रही है रूकावटें तो करें ये उपाय
नई दिल्ली।माता-पिता को अपनी संतानों की विवाह की चिंता हमेशा लगी रहती है, खासकर संतान यदि कन्या है तो चिंता और भी ज्यादा रहती है, कि उसे सही उम्र में सही जीवनसाथी और अच्छा परिवार मिल जाए। वहीं युवक-युवतियों को भी विवाह समय पर होने की चिंता रहती है, लेकिन कई बार लाखों प्रयासों के बाद भी विवाह होने में दिक्कत आती है और उम्र बढ़ती चली जाती है। दरअसल विवाह कब होगा यह उस युवक या युवती की जन्म कुंडली में मौजूद ग्रहों पर निर्भर करता है। कुंडली के सप्तम स्थान से वैवाहिक सुख का पता लगाया जाता है। इसलिए यदि किसी का विवाह नहीं हो रहा है तो सप्तम स्थान, सप्तमेश यानी सप्तम स्थान के स्वामी और सप्तम स्थान के कारक ग्रहों का आकलन किया जाता है। स्त्री की कुंडली में सप्तम स्थान का कारक ग्रह गुरु होता है और पुरुष की कुंडली में शुक्र। सप्तम स्थान पर कौन-कौन से शुभ और अशुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही है, यह भी देखा जाना जरूरी है। ग्रहों की यह स्थितियां प्रत्येक युवक-युवती की कुंडली में अलग-अलग होती है। इसलिए उसका विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिषी से करवा लेना चाहिए।

बृहस्पति को करें प्रसन्न
- जो युवक-युवतियां विवाह योग्याहैं और उनका विवाह नहीं हो पा रहा है, वे प्रतिदिन अपने नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी पाउडर डालें। इससे बृहस्पति प्रसन्न होंगे और शीघ्र विवाह होने का मार्ग खुलेगा।
- यदि रिश्ते की बात चल रही है और युवक-युवती एक-दूसरे को जानने-समझने के लिए मिलना चाह रहे हैं, तो ध्यान रहे वे जहां मिलें वहां बातचीत करते समय उनका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। इससे रिश्ता पक्का होने की संभावना बढ़ जाती है।
- विवाह योग्य युवक-युवतियां गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करे। इससे ग्रहदोष दूर होते हैं।
- गुरुवार के दिन बृहस्पति की पूजा करने कुंडली के दोष दूर होते हैं और विवाह के योग जल्दी बनने लगते हैं।
- गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ करें। केले के वृक्ष की पूजा करें, लेकिन स्वयं केले न खाएं। विवाह की बात जल्द बनेगी।
- विवाह योग्य युवक-युवतियां गुरुवार के दिन चने की दाल में हल्दी की दो गांठें डालकर दत्तात्रेय मंदिर में अर्पित करें।
- जब रिश्ते की बात करने जाएं तो घर से गुड़ खाकर निकलें।
- सोने का कोई आभूषण धारण करके रखें। इसमें पीला पुखराज भी पहना जा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले कुंडली का अध्ययन आवश्यक होता है। पुखराज 4, 8 या 12 कैरेट का नहीं होना चाहिए।
- जिन युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है वे प्रत्येक सोमवार को माता पार्वती की मांग में सिंदूर भरें और शीघ्र विवाह की कामना करें।
- मंगलदोष के कारण भी विवाह में देरी होती है। यदि कुंडली में मंगल दोष है तो मंगल की शांति करवाएं।

बृहस्पति की पूजा

भगवान विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ करें

घर से गुड़ खाकर निकलें













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